
अकेले चेन्नई में क्यों नहीं लगाया जा सकता लाकडाउन,अकेले चेन्नई में क्यों नहीं लगाया जा सकता लाकडाउन,अकेले चेन्नई में क्यों नहीं लगाया जा सकता लाकडाउन,अकेले चेन्नई में क्यों नहीं लगाया जा सकता लाकडाउन
चेन्नई.
चेन्नई एवं उपनगरों में कोविड 19 के बढ़ते मामलों के कारण खतरनाक स्थिति को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार से पूछा है कि इसके प्रसार को रोकने के लिए अकेले चेन्नई में कुछ समय के लिए पूर्ण लाकडाउन क्यों नहीं लगाया जा सकता। जस्टिस विनीत कोठारी एवं जस्टिस आर.सुरेश कुमार की खंडपीठ ने कहा कि कोविड 19 के प्रसार को रोकने के लिए तमिलनाडु सरकार द्वारा उठाए कदमों के बावजूद प्रतिदिन मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर महानगर एवं इसके उपनगरों में स्थिति खरतनाक हो गई है। ऐसे में हम जानना चाहते हैं कि क्या सरकार के पास कोई विशेष योजना तैयार है जिसमें प्रसार को रोकने के लिए चेन्नई एवं आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए पूर्ण लाकडाउन या कफ्र्यू शामिल हो। न्यायाधीशों ने राज्य सरकार के अधिवक्ता वी.जयप्रकाश नारायण से वर्चुअल कोर्ट प्रोसिडिंग्स के बाद यह पूछा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य के नागरिक होने एवं महानगर के निवासी होने के नाते तथा जनता के हित में उन्होंने लाकडाउन के बारे में यह सवाल उठाया है। यह कोई स्वतः संज्ञान या जनहित याचिका नहीं है। करीब 30,000 मामलों में से 70 प्रतिशत मामले चेन्नई से हैं। मृतक संख्या बढ़ रही है। यह चिंता का विषय है। कोर्ट के सवाल के जवाब में अधिवक्ता ने शुक्रवार तक का समय मांगा ताकि सरकार से यदि कोई निर्देश हो तो उसे प्राप्त कर सके। उन्होंने राज्य में 30 जून तक लाकडाउन को बढ़ाए जाने के दौरान सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देश के बारे में बताया। सरकार ने विभिन्न राहत की भी घोषणा की थी। इसमें राज्य के कुछ हिस्सों में सार्वजनिक परिवहन को अनुमति देना भी शामिल था। इसके बाद कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं शुक्रवार तक विशेष अधिकारी जे.राधाकृष्णन से निर्देश प्राप्त करूंगा।
Published on:
11 Jun 2020 05:57 pm
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