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भारत में स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 43,773 मेगावाट से अधिक

विंडर्जी इंडिया 4 से 6 अक्टूबर तक चेन्नई ट्रेड सेंटर में

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भारत में स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 43,773 मेगावाट से अधिक

भारत में स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 43,773 मेगावाट से अधिक


चेन्नई.

नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सबसे प्रतीक्षित व्यापार मेले और सम्मेलन में से एक विंडर्जी इंडिया 4 से 6 अक्टूबर तक चेन्नई ट्रेड सेंटर में आयोजित होगा। यह आयोजन नई दिल्ली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद हो रहा है जहां वैश्विक नेताओं ने आर्थिक विकास के चालक के रूप में व्यापार और निवेश का लाभ उठाने के लिए स्पष्ट रूप से अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। चेन्नई में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। इस मौके पर डी.वी.गिरि, महासचिव, इंडियन विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, सरवनन मनिकम, कंट्री हेड, नॉर्डेक्स, एस्के बो रोसेनबर्ग, डेनमार्क के महावाणिज्य दूतावास में मिशन के प्रमुख एवं पराग शर्मा, अध्यक्ष डब्ल्यूआइपीपीए और संस्थापक ओटू पावर उपस्थित थे। वक्ताओं ने जानकारी दी कि 30 जून 2023 तक भारत में स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता 43,773 मेगावाट से अधिक हो गई, जिससे यह दुनिया में चौथी सबसे बड़ी बन गई। पवन फार्मों ने निर्माण और संचालन चरणों के दौरान विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। इसके अतिरिक्त पवन ऊर्जा ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने, ऊर्जा सुरक्षा में सुधार करने और स्वच्छ बिजली तक पहुंच प्रदान करने में मदद की है। सरकार ने 2030 तक 450 गीगावॉट करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। सम्मेलन के माध्यम से पवन ऊर्जा क्षेत्र को समर्पित प्रमुख उद्योग मंच, 4 से 6 अक्टूबर तक अपनी विशाल क्षमता और आकर्षक अवसरों का प्रदर्शन करेंगे। व्यापार मेले के साथ-साथ पवन की शक्ति 2.0 - भारत के भविष्य को ऊर्जावान बनाना विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।