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Women’s Rights Conference : महिलाओं और राजनेताओं का जमावड़ा, नारी शक्ति वंदन पर चर्चा

डीएमके महिला विंग की ओर से नंदनम स्थित वाइएमसीए में आयोजित इस सम्मेलन में इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव एलायंस (इंडिया) में शामिल लगभग सभी दलों के नेता नजर आए।

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Women’s Rights Conference

चेन्नई. तमिलनाडु में सत्तारूढ पार्टी डीएमके की ओर से आयोजित महिला अधिकार सम्मेलन में महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ा वहीं राजनेताओं का जमावड़ा भी इस सम्मेलन में दिखाई दिया। डीएमके महिला विंग की ओर से नंदनम स्थित वाइएमसीए में आयोजित इस सम्मेलन में इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव एलायंस (इंडिया) में शामिल लगभग सभी दलों के नेता नजर आए।

Women’s Rights Conference

सम्मेलन में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी व पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, डीएमके उप महासचिव और महिला विंग सचिव कनिमोझी, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, टीएमसी नेता सुष्मिता देव, आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़ला, जेडीयू की बिहार विधायक लेशी सिंह, सीपीआई (एम) नेता सुभाषिनी अली और सीपीआई नेता एनी राजा मौजूद रहीं।

Women’s Rights Conference

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अगुवाई वाले मंच ने नारी शक्ति वंदन विधेयक के साथ जोड़ी गई शर्तों पर सवाल करते हुए कहा कि बिना समय सीमा वाला यह कानून महिलाओं के साथ धोखा है। सोनिया गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के कद्दावर नेता एम. करुणानिधि को वंचितों के विकास का पुरोधा बताया। महिलाओं को विधायिकाओं में 33 फीसदी आरक्षण बिल पर उनका कहना था कि इंडिया गठबंधन चुनाव में जीतने के बाद इस कानून को लागू कर महिला समानता के सपने को हकीकत में बदलेगा।

Women’s Rights Conference

सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।