निर्मला ने संसद में जयललिता की साड़ी खीचने की चर्चा की
चेन्नई.
लोकसभा में लगातार तीसरे दिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। विपक्ष मणिपुर के मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को इस प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लिया। वित्त मंत्री ने इस दौरान विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। इससे पहले कनिमोझी ने कहा था, जो लोग महाभारत को ध्यान से पढ़ते हैं, उन्हें पता होगा कि अंत में केवल द्रौपदी के अपराधियों को ही सजा नहीं मिली, बल्कि उस दौरान चुप रहने वालों को भी सजा मिली। जिस तरह वे (केंद्र) हाथरस, कठुआ, उन्नाव, बिलकिस बानो और पहलवानों के विरोध प्रदर्शन पर चुप थे, उसी तरह उन्हें भी सजा दी जाएगी।"
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कैसे 1989 में तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक प्रमुख जे जयललिता को राज्य विधानसभा में अपमानित किया गया था। नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान बोलते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, ''मैं इस बात से सहमत हूं कि मणिपुर, दिल्ली, राजस्थान - कहीं भी महिलाओं की पीड़ा को गंभीरता से लेना होगा।
उन्होंने आगे कहा, मैं इस पूरे सदन को 25 मार्च 1989 को तमिलनाडु विधानसभा में हुई एक घटना की याद दिलाना चाहता हूं। तब वह मुख्यमंत्री नहीं बनी थीं तमिलनाडु में विधानसभा में जयललिता की साड़ी खींची गई थी। वह विपक्ष की नेता थीं। वहां बैठे डीएमके सदस्यों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन पर हंसे..." क्या डीएमके जयललिता को भूल गई है? तुमने उसकी साड़ी खींची, तुमने उसे अपमानित किया। उस दिन जयललिता ने शपथ ली कि जब तक वह सीएम नहीं बनेंगी, सदन में कभी नहीं आएंगी। दो साल बाद वह तमिलनाडु की सीएम बनकर लौटीं।