
चेन्नई में पोंगल त्योहार के चलते सप्ताहांत पर रिकॉर्ड 11 लाख लोगों ने शहर से तमिलनाडु और आस-पास के राज्यों के लिए सफर किया। इस भारी आवाजाही के कारण रेलवे, बस सेवाओं और मुख्य राजमार्गों पर जबरदस्त दबाव देखा गया।
रेलवे ने यात्रियों की भारी भीड़ को संभाला। शनिवार और रविवार को चेन्नई सेंट्रल से 97 ट्रेनें और चेन्नई एग्मोर व तांबरम से 85 ट्रेनें रवाना की गईं। इन ट्रेनों में प्रतिदिन करीब 3.65 लाख यात्रियों की क्षमता थी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में सात लाख से ज्यादा यात्री ट्रेन से चेन्नई छोड़कर गए। मांग को देखते हुए तिरुनेलवेली, नागरकोइल और तिरुचि समेत कई प्रमुख गंतव्यों के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई गईं।
सड़क यात्रा करने वालों को लंबी देरी और जाम का सामना करना पड़ा। खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों और जीएसटी रोड पर घंटों तक वाहन कतार में फंसे रहे। तांबरम से गुडुवांचेरी तक वाहनों की लंबी लाइने देखी गईं। यातायात पुलिस ने अतिरिक्त स्टाफ और डायवर्जन लगाकर व्यवस्था संभाली, लेकिन दबाव बना रहा।
राज्य परिवहन विभाग ने भीड़ को देखते हुए बस सेवाएं बढ़ा दीं। सप्ताहांत पर किलम्बक्कम, सीएमबीटी और एमएमबीटी बस अड्डों से 5,510 बसें चलाई गईं, जिनमें 2.47 लाख यात्री सफर कर सके। 11 जनवरी तक 2.18 लाख यात्रियों ने अग्रिम टिकटें बुक कर ली थीं। विभाग ने 9 से 14 जनवरी तक 10,245 विशेष बसें चलाने की योजना बनाई है।
निजी ओमनीबस सेवाओं में प्रतिदिन 60,000 यात्रियों की मांग देखी गई। कई मार्गों पर किराए में 25% तक वृद्धि हुई और मल्टी-एक्सल वोल्वो ओमनीबस का किराया कुछ मार्गों पर 3,600 से 4,000 रुपये तक पहुंच गया। अधिकारियों ने यात्रियों से वापसी यात्रा की योजना पहले से बनाने की अपील की है।
Published on:
12 Jan 2026 05:16 pm

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