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केन-बेतवा लिंक परियोजना के पहले चरण में 10, दूसरे में 7 गांव डूबेंगे

चार पावर हाउस व दो सोलर प्लांट भी लगेंगे, आरटीइ में अभिकरण ने दी जानकारी

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आरटीइ में अभिकरण ने दी जानकारी

आरटीइ में अभिकरण ने दी जानकारी

छतरपुर. केन-बेतवा लिंक परियोजना में 17 गांव की 13125 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि पानी में डूब जाएगी। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण ने आरटीआइ के जवाब में बताया है कि यूपी व एमपी के बुंदेलखंड के 12 जिलों में इस परियोजना से करीब 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि की वार्षिक सिंचाई के लिए पानी मुहैया होगा। 103 मेगावाट बिजली पैदा होगी। केन-बेतवा लिंक में प्रस्तावित ढोढऩ बांध के नजदीक दो पावर हाउस बनेंगे। इनकी क्षमता 60 एवं 18 मेगावाट होगी। दूसरे चरण में बीना कांप्लेक्स में भी 20 मेगावाट और 5 मेगावाट के दो पावर प्रस्तावित हैं। ढोढऩ बांध में कोई सोलर प्लांट नहीं बनेगा। अलबत्ता दूसरे फेज में लोअरउर परियोजना में 19 मेगावाट और कोथा बैराज में 8 मेगावाट के सोलर प्लांट बनेंगे।

13125 खेती की जमीन और 6017 हेक्टेयर जंगल डूबेंगे
केन-बेतवा लिंक परियजोना में 13125 हेक्टेयर उपजाऊ खेती योग्य भूमि और 6017 हेक्टेयर जंगल डूबेंगे। आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ल द्वारा मांगी गई आरटीआइ में राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के अधीक्षण अभियंता एससी अवस्थी ने बताया है कि ढोढऩ बांध में 2473 हेक्टेयर और दूसरे फेज में लोअरउर परियोजना में 857 हेक्टेयर, कोथा बैराज में 681 हेक्टेयर तथा बीना कांप्लेक्स में कुल 9114 हेक्टेयर खेती योग्य जमीन प्रभावित होगी।

ढोढऩ बांध में डूबेंगे 10 गांव
केन-बेतवा लिंक परियोजना में बनाए जा रहे ढोढऩ बांध में 10 गांव डूब जाएंगे। इसके अलावा परियोजना के दूसरे चरण में 7 गांव डूबेंगे। यानी कुल 17 गांव डूब क्षेत्र में शामिल हैं। यह भी बताया है कि पहले चरण में 8339 हेक्टेयर एवं दूसरे चरण में 2945 भूमि प्रभावित होगी। परियोजना में कुल 11284 ग्रामीण प्रभावित होंगे। अभिकरण ने यह भी कहा है कि इन गांवों के लोगों को अभी कहीं विस्थापित नहीं किया गया है। व्यवस्थापकों को मुआवजा 2013 के अधिनियम के तहत दिया जाएगा।

अभिकरण को मिले 5 करोड़ रुपए
मंजूरी के करीब 17 वर्षों बाद केन-बेतवा लिंक परियोजना की तमाम अड़चनें दूर हो जाने के बाद अब इस पर काम शुरू है। हालांकि इस लेट-लतीफी के नतीजे में परियोजना की लागत करीब छह गुना महंगी हो गई। केन-बेतवा लिंक पर काम करने के लिए राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण को पांच करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। दूसरे फेज में लोअरउर बांध एवं कोथा बैराज का काम शुरू हो चुका है।

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