छतरपुर. पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत तीन वर्षों में जिले के 15 हजार 248 हितग्राहियों ने योजना का लाभ लिया है। बिना ब्याज के मिलने वाले ऋण से फुटपाथ दुकानदारों ने अपने छोटे व्यापार की शुरुआत की और अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं।
पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत हितग्राहियों को 8 प्रमुख योजनाओं से जोड़ा जाता है। जिससे उन्हें अन्य योजनाओं का भी लाभ मिल सके। जिसमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक, खाद्य सुरक्षा अधिनियम एक राष्ट्र एक राशन कार्ड, जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शामिल की गई है। इसमें छतरपुर नगर पालिका ने पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रोफाइलिंग करते हुए नगरीय निकाय के 90 प्रतिशत से अधिक हितग्राहियों की प्रोफाइलिंग कर स्वनिधि से समृद्धि योजना से जोड़ा गया है।

व्यापार के लिए मिली पूंजी
इस योजना से पूरे जिले के शहरी क्षेत्रों के रेहड़ी-पटरी वाले 15 हजार 248 दुकानदारों ने 10 रुपए का ऋण लेकर व्यापार की शुरुआत की। इसके बाद 4 हजार 700 हितग्राहियों ने 20 हजार रुपए एवं 990 हितग्राहियों ने 50 हजार रुपए का कार्यशील पूंजी ऋण लेकर अपने व्यापार को बढ़ाया है। शहर के सब्जी दुकानदार राजाराम कुशवाहा, प्रीति रैकवार और राहुल कुशवाहा ने बताया कि उनके पास सब्जी का व्यापार शुरू करने के लिए पूंजी नहीं थी। जिस पर उन्होंने अपना स्ट्रीट वेंडर अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराया और बाद पीएम स्वनिधि योजना से उन्हें बैंक से 10 हजार रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। इसे चुकाने के बाद उनके द्वारा 20 हजार का ऋण लिया गया। अब उनकी सब्जी की दुकानदारी अच्छी चल रही है और उनका पूरे परिवार का भरण पोषण इसी दुकान से हो रहा है।
समय से भुगतान पर बढ़ जाती है ऋण राशि की सीमा
10 व 20 हजार चुकाने के बाद 50 हजार का ले सकते हैं इस योजना अंतर्गत हितग्राहियों को बिना किसी गारंटी के तीन प्रकार का कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है। जिसके अंतर्गत लघु व्यापारियों को पहले 10 हजार रुपए का ऋण दिया जाता है। इसको चुकता करने के बाद हितग्राही 20 हजार रुपए लेने के लिए पात्र हो जाता है। इसी तरह 20 हजार चुकाने के बाद हितग्राही 50 हजार रुपए का लोन बिना ब्याज के बैंक से ले सकता है। इस योजना से छोटे व्यापारियों एवं रेहड़ी पटरी वालों की मदद मिल रही है।
