
बरेठी सोलर प्लांट मार्ग
छतरपुर. बरेठी में 2800 एकड़ में बिजली खेती होगी। इसके लिए सोलर प्लांट लगाने का काम सिंतबर माह की शुरूआत में ही शुरू होने जा रहा है। इस प्लांट से 630 मेगावाट सोलर बिजली बनेगी, जिससे 3 लाख घरों को रोशन करने की योजना है। बरेठी में सोलर पावर प्लांट से बनने वाली बिजली की आपूर्ति दिल्ली तक की जा सकेगी।
बरेठी सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया हो गई है, अब निर्माण शुरू करने की तैयारी है। बुंदेलखंड के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट का काम 2027 तक पूरा करना है। इस बड़े प्रोजेक्ट में बुंदेलखंड क्षेत्र के तमाम युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। पर्यावरण मंजूरी न मिल पाने के कारण लंबे समय से यह प्रोजेक्ट अटका हुआ था। लेकिन इसकी स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया। जिसके तुरंत बाद डीपीआर बनाया। निर्माण के लिए एनटीपीसी के द्वारा 2800 एकड़ जमीन कंपनी को लीज पर दी गई है। प्लांट स्थापना का कार्य एनटीपीसी की देखरेख में रिन्युअल एनर्जी लिमिटेड कंपनी के द्वारा कराया जाएगा। जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर बरेठी में 630 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट बनाया जाएगा।
यह कार्य करीब 28 हजार करोड़ रुपए की लागत से 2013 में स्वीकृत हुआ। लेकिन इसमें अड़चनें आने के कारण 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी सोलर पावर प्लांट की योजना बनाई गई। पर्यावरण मंजूरी न मिलने के कारण 2017 में सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना बन कर तैयार हुई। सोलर प्लांट लगाने का मार्च 2023 में लक्ष्य रखा गया, लेकिन वन विभाग की अनुमतियों के कारण योजना की शुरुआत में देर हो गई।
28 हजार करोड़ की लागत से निर्मित बरेठी सौर ऊर्जा प्लांट से 3 लाख से अधिक घर रोशन होंगे। अल्ट्रा मेगा नवीकरणीय ऊर्जा पावर पार्क योजना के 8 चरणों में इसे विकसित किया जाएगा। जहां सिर्फ ग्रिड हरित बिजली की आपूर्ति होगी, बल्कि सस्ती बिजली भी मिलेगी। क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्लांट संचालित हो के बाद प्रति वर्ष 12 लाख टन तक कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा।
बरेठी सोलर पॉवर प्लांट का निर्माण शुरू होने से बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने के आसार हैं। जिससे जिले से बड़े शहरों के लिए रोजगार की तलाश में जाने वाले लोग यहां रोजगार पा सकेंगे। इतना हीं नहीं निर्माण कार्य के बाद इसके संचालन में भी सैकड़ों लोगों की आवश्यकता होगी। इसका संचालन करने के लिए युवाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
बिजावर तहसील के ग्राम पंचायत झरकुंआ के ग्राम पुरवा में 950 मेगावॉट का सौर-ऊर्जा संयंत्र का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए चाही गई जरूरी भूमि कलेक्टर छतरपुर द्वारा उपलब्ध कराई जा चुकी है। जमीन का आवंटन, सीमांकन एवं आधिपत्य का कार्य पूर्ण हो चुका है। नवंबर 2021 में टेंडर और जनवरी 2022 तक विकास कार्य करने वाली एजेंसी के चयन की कार्यवाही पूरी करने की प्लानिंग के साथ मार्च 2023 तक सौर-ऊर्जा संयंत्र की स्थापना का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि समय सीमा में काम नहीं हो सका।
इस संयंत्र के निर्माण के वक्त लगभग 8 हजार लोगों को 2 वर्ष तक निर्माणाधीन अवधि में रोजगार मुहैया होगा। सौर-ऊर्जा संयंत्र के अस्तित्व में आने के बाद रेगूलर रूप में 15 सौ से लेकर 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। राज्य शासन की नीति के तहत 70 फीसदी स्थानीय लोगों को अनस्किल्ड लोगों को ट्रेनिंग देकर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तो वहीं टेक्निकल दक्षता में निपुण 30 फीसदी लोगों को रोजगार दिया जाएगा। इसके साथ ही राजनगर व बिजावर जनपद इलाके में बिजली की समस्या से निजात मिलेगी।
Published on:
27 Aug 2024 10:33 am
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