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शास्त्रीय नृत्यों के साथ पर्यटक ले रहे बुंदेली व्यंजनों का जायका

- खजुराहो में डांस फेस्टिवल के दौरान बुंदेली व्यंजनों के स्टॉल सजे, देशी-विदेशी पर्यटकों ने लिया स्वाद

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 During the dance festival in Khajuraho, stall decorations of Bundli dishes, taste brought by indigenous and foreign tourists

Chhatarpur

नीरज सोनी
छतरपुर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में चल रहे भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के समारोह डांस फेस्टिवल के साथ आयोजन स्थल पर देशज कला परंपरा के मेला हुनर में बुन्देली व्यंजनों के स्टाल पर्यटकों के लिए इस बार भी खास आकर्षण है। डांस फेस्टिवल में देशी-विदेशी मेहमान देश के कोने-कोने से आए नृत्य कलाकारों की शानदार नृत्य प्रस्तुति देखने के बाद बुंदेली व्यंजनों का स्वाद चखकर सुखद अनुभूति करने में लगे हैं। भारतीय सांस्कृति निधि (इंटेक) नई दिल्ली व म.प्र. गांधी स्मारक निधि द्वारा बुंदेली व्यंजनों के स्टॉल लगाकर लोगों को व्यंजनों का स्वाद चखाकर उनके बनाने के तरीकों के बारे में बताया जा रहा है। व्यंजनों को बनाने का काम राष्ट्रीय ऑर्गेनिक फूड सलाहकार सुमी चंद्रेश के मार्गदर्शन में बुंदेलखंड के व्यंजन कारीगरों की टीम द्वारा किया जा रहा है। डांस फेस्टिवल में आए दर्शक स्वादिष्ट व्यंजनों का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।
व्यंजनों को जैविक अनाज से किया तैयार :
पर्यटकों को बुंदेली व्यंजनों का स्वाद चखाने के लिए लगाए फूड स्टॉल्स में दाल, चाल, कढ़ी, बरा, ठडूला, रसखीर, रायता, अलग-अलग प्रकार की चटनियां, चना की सब्जी, भाजी जैसी बुंदेली डिशो को परोसा जा रहा है। इंटेक द्वारा लगाए फूड स्टॉल में व्यंजनों को जैविक अनाज से तैयार किया गया है। साथ ही इन स्टॉलों पर बुंदेली व्यंजनों को तैयार करने की विधि भी सिखाई जा रही है और लोगों को मोटे अनाजों से परिचित भी कराया जा रहा है। बुन्देलखंड तिलहन व दलहन के साथ मोटे अनाजों में अग्रणी हैं, इन व्यंजनों से किसानों को भी प्रोत्साहन मिलता है। क्योंकि स्वदेसी का प्रयास आस-पास की हर चीज को प्रत्यक्ष सप्रत्यक्ष रूप से लाभ दिलाता है। यहां के व्यंजनों की मांग बढऩे से बुन्देलखंड का नाम होने के साथ उनके खाद्यानों को भी प्रोत्साहन मिलता है। बुंदेलखंड का अतीत व वर्तमान अपनी समृद्धता के कारण ही आज वैज्ञानिक युग में अग्रणी हैं। इस फेस्टिवल में रोज बुंदेलखंड के अलग-अलग व्यंजनों को परोसा जा रहा है।
मोटे अनाज के बीजों की लगाई प्रदर्शनी :
डांस फेस्टिवल के दौरान बुंदेलखंड के परंपरागत मोटे अनाज एवं दालों के सरंक्षण के उद्देश्य से मध्य प्रदेश गांधी स्मारक निधि एवं इंटेक नई दिल्ली के द्वारा बीजों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसमें लोगों को यहां के अनाजों के बारे में जानकारी दी जा रही है ।लोग उत्सुक होकर इस स्टॉल पर आकर प्रदर्शनी को देख रहे हैं एवं यहां के परंपरागत देसी अनाजों को समझ रहे हैं। साथही उनके स्वादिष्ट व्यंजनों का भरपूर लुत्फ उठा रहे हैं। इस आयोजन से बुंदेलखंड के आसपास के लोगों के अलावा देसी विदेशी लोग भी ऑर्गेनिक अनाजों का प्रयोग करने में अपनी रुचि दिखा रहे हैं। लोगों को मोटिवेट करने का काम इंटेक नई दिल्ली की नेचुरल हेरीटेज डिवीजन की डायरेक्टर डॉ. ऋतु सिंह कर रही हैं। मार्गदर्शन डॉ. संजय सिंह व दमयंती पाणी कर रही हैं। वहीं रितु नरवरिया, शांभवी, चंद्रपाल सिंह, विवेक गोस्वामी लोगों की टीम इस आयोजन को सफल बनाने में लगी है।

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