छतरपुर. फोरलेन हाइवे पर अंधेरे में खड़े रहने वाले वाहनों से हादसों का खतरा बना रहता है। हाइवे के ढाबों के आसपास खडे हो रहे इन वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाएं हो रहे हैं। उसके बाद भी गश्ती दल इन वाहनों को व्यवस्थित खड़ा नहीं कराता है। जिससे दुर्घटना घटने की संभावना बनी रहती है। इसी तरह कानपुर-सागर हाइवे पर रात से लेकर सुबह तक भारी वाहनों की कतारें लगी रहती हैं। वहीं दिन में भी कई स्थानों में वाहन खड़े रहते हैं।
यूपी के झांसी से खजुराहो तक बने फोरलेन हाइवे में जिले के क्षेत्र में कई स्थानोंं में ट्रक और मालवाहक सड़क किनारे खड़े हो रहे हैं। यह वाहन अधिकतर ढाबों के आसपास खड़े होने से अन्य राहगीरों को दिक्कतें हो रही है। रात के साथ दिन में भी कई स्थानों में ट्रकों को खड़ा कर वहीं पर कर्मचारियों सफाई करना तेज रफ्तार कर रहे राहगीरों के लिए परेशानी से कम नहीं हैं। इसी के साथ ही किनारे खड़े वाहनों के पास से रोड करने वाले भी परेशानी का कारण बन रहे हैं और ऐसे में घटनाएं भी हो रहीं हैं। इसके बाद भी एनएचएआई की ओर से इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
हालात से हैं कि मऊरानीपुर से निकलते ही हरपालपुर रोड के पास से लेकर छतरपुर और बमीठा तक स्थित ढाबों के पास सड़क के किनारे ट्रकों को खड़ा किया जा रहा है। रात के समय खड़े होने से लोगों को सामने का सही से दिखाइ नहीं देता है घटना घटना जाती है जिसमें वाहन चालक और सामने वाला हताहत हो रहे हैं। इसके साथ ही कानपुर-सागर हाइवे में भी इसी तरह की समस्या बनी हुई हैं। बीते कुछ समय पहले गढ़ीमलहरा के पहले एक घटना में बालक की मौत हो गई थी। इसके साथ ही फोरलाइन में भी कुछ घटनाएं हो चुकीं हैं। इसके बाद न हो ढाबा संचालक इसको ध्यान दे रहे हैं और न ही एनएचएआई के जिम्मेदार।
ढाबों पर भी खड़े रहते हैं वाहन
जिले के कानपुर सागर, रीवा-ग्वालियर सहित फोरलेन हाइवे में अनगिनत ढाबे स्थित हैं। जिनके सामने जगह का अभाव होने के कारण ट्रक रोड किनारे खड़े हो जाते हैं। जिससे दूसरे वाहनों को निकलने में परेशानी होती है। साथ ही रोड पार करने के दौरान गुजरने वाले वाहनों से दुर्घटना होने की प्रबल संभावनाएं रहीं हैं।