
excellent school
छतरपुर। जिला मुख्यालय स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक के बिना ही अंग्रेजी की पढ़ाई हो रही है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा में स्कूल के बच्चे भोपाल, इंदौर के शासकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं के मुकाबले बेहतर परफॉर्मेंस कैसे देंगे, जब उन्हें पढ़ाया हिन्दी माध्यम में जा रहा है, जबकि परीक्षा अंग्रेजी माध्यम से होनी है। कक्षा छठवीं से आठवीं तक अंग्रेजी माध्यम में ही छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया है। लेकिन इन कक्षाओं में पढ़ाने के लिए अंग्रेजी माध्यम का एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। 9 वीं से 12 वीं तक हिन्दी के साथ ही अंग्रेजी माध्यम में बच्चों को एडमिशन दिए गए हैं। ९ वीं से 12वीं तक हिन्दी माध्यम के बच्चों की संख्या भले ही ज्यादा है, लेकिन अंग्रेजी माध्यम के 564 बच्चे हैं। लेकिन अंग्रेजी माध्यम का एक भी शिक्षक नहीं है। हिन्दी माध्यम के शिक्षक ही अंग्रेजी माध्यम की किताबें पढ़ा रहे हैं। स्कूल में कुल 56 शिक्षकों की पदस्थापना है, लेकिन अंग्रेजी का एक भी शिक्षक नहीं है।
छठवीं से आठवीं तक केवल अंग्रेजी माध्यम
शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में कक्षा 6, 7 और आठ में कुल 365 छात्र-छात्राएं शिक्षण सत्र 2019-20 के लिए प्रवेशित किए गए हैं। इन छात्र-छात्राओं का प्रवेश अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराने के लिए दिया गया है। लेकिन अंग्रेजी माध्यम का एक भी शिक्षक स्कूल में पदस्थ नहीं है। कक्षा छठवीं में 89 लड़के और 59 लड़कियों ने अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया है। वहीं, सातवीं में 72 लड़के और 42 लड़कियां और आठवीं में 48 लड़के और 48 लड़कियां हैं। इस तरह से माध्यमिक स्तर पर 209 लड़के और 149 लड़कियों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करने के लिए एडिमिशन दिया गया है, लेकिन सभी टीचर हिन्दी माध्यम के हैं। जिनके द्वारा अंग्रेजी माध्यम की किताबें पढ़ाई जा रही हैं।
हाईस्कूल व हायरसेकंडरी में अंग्रेजी के 564 बच्चे
उत्कृष्ट विद्यालय में 9वीं से 12वीं तक कुल 1527 बच्चों को प्रवेश दिया गया है। जिनमें से 564 अंग्रेजी माध्यम और 963 हिन्दी माध्यम के छात्र-छात्राएं हैं। लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ हिन्दी माध्यम के ही शिक्षक है, जो हिन्दी माध्यम के साथ ही अंग्रेजी माध्यम के छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं। उत्कृष्ट स्कूल में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से एडमिशन दिलाने वाले अभिभावक खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। हालांकि कोई भी अभिभावक खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि, अंग्रेजी माध्यम के चलते ही उत्कृष्ट विद्यालय में बच्चे का एडमिशन कराया, लेकिन शिक्षण सत्र शुरु होने के बाद पता चला कि, एडमिशन भले अंग्रेजी माध्यम में लिए गए, लेकिन पढ़ाई हिन्दी माध्यम में कराई जा रही है।
फैक्ट फाइल
कक्षा हिन्दी माध्यम के स्टूडेंट अंग्रेजी माध्यम के स्टूडेंट
9वीं 143 180
10वीं 177 132
11वीं 313 136
12वीं 330 116
बॉक्स
माध्यमिक में सिर्फ अंग्रेजी माध्यम
कक्षा छात्र छात्राएं
6 89 59
7 72 42
8 48 48
शासन से नहीं हुई पदस्थापना
शासन के निर्देशानुसार अंग्रेजी माध्यम में छात्र-छात्राओं के एडमिशन लिए गए हैं। शासन स्तर से ही अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक की पदस्थापना नहीं हुई है। स्कूल स्तर पर उपलब्ध शिक्षकों के जरिए दोनों माध्यम के बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था की गई है।
अशोक खरे, प्राचार्य
Published on:
12 Aug 2019 07:00 am
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