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अधिवक्ताओं और व्यापारियेां ने खोदे गड्ढ़े, सराफा कारोबारियों ने ढोए तसले

अमृतं जलम अभियान - गहोई समाज भी पहुंचा श्रमदान करने, महिलाएं भी नहीं रही पीछे

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Advocates businessmen Did shramdaan

Advocates businessmen Did shramdaan

छतरपुर। शहर की इकलौती जीवनदायनी सिंघाड़ी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए पत्रिका के अमृतं जलम अभियान के तहत मप्र जन अभियान परिषद के संयोजन में चलाए जा रहे श्रमदान कार्यक्रम में गुरुवार ने न्यायाविदें, व्यापारियों, समाजसेवियों और महिलाओं ने सामूहिक रूप से श्रमदान किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्वर्ण-रजत कारीगर संघ के सदस्य, सराफा व्यापारी संघ और गहोई वैश्य समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने एक घंटे तक सिंघाड़ी नदी में श्रमदान करके उसको पुनर्जीवित करने का अभियान चलाया। श्रमदान के बाद सभी ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में समाजसेवी, पुलिस विभाग और अन्य समाज के लोग व स्वैच्छिक संगठन श्रमदान कार्यक्रम में शामिल होंगे। अंतिम चरण के श्रमदान कार्यक्रम का संयोजन नैतिक संस्कार फाउंडेशन के दिलीप सेन कर रहे हैं।
गुरुवार को सिंघाड़ी नदी के घाट पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, सचिव पंकज पाठक की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने श्रमदान किया। वहीं अधिवक्ता परिषद की ओर स अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद राष्ट्रीय कार्य परिषद सदस्य राजेंद्र गुप्ता, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश पटेल, जिला अध्यक्ष आशाराम त्रिपाठी, अधिवक्ता न्याय सेबा केंद्र प्रभारी जेके आशु, ओम नारायण शुक्ला, संतराम पांचाल, मजीद अली, मुख्तयार अली, रवि पांडे, विनोद दीक्षित, शासकीय अध्वक्ता, मनीष जैन सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद थे। सभी ने एक घंटे तक सूखी नदी में कुदाली चलाकर श्रमदान किया। कानून के जानकारों ने पूरी तन्मयता से श्रमदान में भागीदारी निभाई। इसके अलावा सराफा संघ से प्रभात अग्रवाल, रमेश सोनी, चेतन सोनी, स्वर्ण-रजत कारीगर संघ से गुड्डू सोनी, बबलू सोनी, महेंद्र सोनी, गहोई समाज से राजेश रुसिया, हरिश्चंद्र रावत, जयदीप बृजपुरिया, बबलू सरावगी, पप्पू पंसारी आदि ने श्रमदान किया। इस मौके महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष द्रोपती कुशवाहा, कमलेश राय, नीलम पांडे, आकांक्षा सहित कई महिलाओं ने पुरुषों की बराबरी से श्रमदान में भाग लिया। अधिवक्ताओं, व्यापारियेां, कारोबारियों ने इस दौरान दिल से श्रमदान किया।