समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव चुनावी सभा को संबोधित करने सूबे के छतरपुर जिले के खजुराहो पहुंचे।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर सभी राजनीतिक दल सूबे में जमकर प्रचार करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव चुनावी सभा को संबोधित करने सूबे के छतरपुर जिले के खजुराहो पहुंचे, यहां उन्होंने सपा प्रत्याशी के पक्ष में लोगों से वोट देने की अपील की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और देश-प्रदेश की भाजपा सरकार पर देश और प्रदेश को खोखला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भी एक करोड़ से ज्यादा गरीबी रेखा से बाहर हुए होंगे।
प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र पर सबसे ज्यादा फोकस रखने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव पिछले एक हफ्ते में यहां कई चुनावी सभाएं कर चुके हैं। गुरुवार को खजुराहो की राजनगर विधानसभा में भी सपा प्रत्याशी के पक्ष में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे अखिलेश यादव ने बीजेपी और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। सपा मुखिया ने एमपी और देश को खोखला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम पर खोखले वादे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपने भाषण में खुद कहते हैं कि हमने एमपी और दिल्ली की सरकार ने मिलकर 13 करोड़ गरीब लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाल दिया है। 13 करोड़ लोग अब गरीब नहीं बचे है। अगर मध्यप्रदेश की आबादी 8 करोड़ है तो 20 साल में एमपी में एक करोड़ से ज्यादा गरीब लोग गरीबी रेखा से बाहर हो गए होंगे।
गरीबों के खिलाफ षड्यंत्र- अखिलेश
छतरपुर-खजुराहो विधानसभा से गरीबी रेखा से बाहर निकले होंगे। प्रधानमंत्री की ओर से कितना बड़ा झूठ बोला जा रहा है और अब कह रहे है कि 5 साल और राशन देंगे। जो राशन देने वाले लोग हैं, वह कभी भी आपको गरीबी रेखा से बाहर नहीं निकलने देंगे। ये गरीबों के खिलाफ षड्यंत्र है।
कांग्रेस पर आरोप
जातिगत जनगणना को लेकर भी अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि आजादी के बाद कांग्रेस ने जातिगत जनगणना रोकी थी। आज कांग्रेस भी जातिगत जनगणना की बात कर रही हैं। कांग्रेस ने कभी भी सामाजिक न्याय की बात नहीं की, अब वह भी न्याय की बात कह रही हैं। मंडल कमीशन की सिफारिश किसने रोका था, कांग्रेस ने ही रोका था। जातिगत जनगणना किसने रोकी थी, कांग्रेस ने रोकी थी और अब बीजेपी भी जातिगत जनगणना कि बात कर रही है। सामाजिक न्याय तभी मिलेगा जब जातिगत जनगणना हो और सभी को आबादी के आधार पर सम्मान मिले तभी बाबा भीमराव अम्बेडकर का सपना पूरा होगा।