14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बागेश्वर धाम प्रमुख पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कही मां-बाप को लेकर बड़ी बात

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम में नवकुंडीय अन्नपूर्णा महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मां-बाप को लेकर बड़ी बात कही.

2 min read
Google source verification
बागेश्वर धाम प्रमुख पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कही मां-बाप को लेकर बड़ी बात

बागेश्वर धाम प्रमुख पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कही मां-बाप को लेकर बड़ी बात

छतरपुर. मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम में नवकुंडीय अन्नपूर्णा महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मां-बाप को लेकर बड़ी बात कही, जिसे पढक़र आप भी उनकी बातों पर अमल करना शुरू कर देंगे। दरअसल उन्होंने माता-पिता और गुरु को त्रिदेव बताया है। आईये विस्तार से जानते हैं क्या बोले पंडित धीरेंद्र शास्त्री।

बागेश्वर धाम पर जगतगुरू राजेन्द्रदास महाराज के द्वारा सुनाई जा रही श्रीहनुमत कथा के दौरान राजेन्द्र दास महाराज ने भगवान हनुमान को अष्ट नवनिधि का दाता बताते हुए विपत्तियों और संकटों का निवारक बताया। उन्होंने कहा कि निष्ठापूर्वक हनुमानजी का भजन करने से जीवन के समस्त कलेश नष्ट हो जाते हैं।

कथा के उपरांत संपूर्ण आयोजन पर आभार व्याख्यान व्यक्त करते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने देश भर से पधारे साधु संतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस विराट आयोजन को सफल करने का सामथ्र्य उन्हें माता-पिता और गुरू से ही प्राप्त हुआ था। धरती पर माता-पिता और गुरू ही त्रिदेव के रूप में होते हैं। माता ब्रह्मा के स्वरूप में हमें जन्म देती है, पिता विष्णु के रूप में हमारा पालन करते हैं और गुरू शिव के स्वरूप में अपनी डांट फटकार मार्गदर्शन से हमारी बुराईयों का नाश करते हुए हमें संवारने का काम करते हैं।


आयोजन के समापन अवसर पर सभी साधु संतों एवं लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सागर जिले के टपरियन, बनापुर, बम्हौरी, चितोरा जैसे गांव से 4 बसों में पहुंचे लगभग 220 लोगों को मंच पर लाया गया। सागर के धर्म जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने बताया कि उक्त परिवार के कई सदस्य विगत दिनों चर्च जाने लगे थे और कुछ लोगों ने ईसाई धर्म भी अपना लिया था, लेकिन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर से प्रभावित होकर वे अपने मूल धर्म में वापसी करने आए हैं। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर ने उन्हें आशीर्वाद स्वरूप पीली पट्टिका पहनाकर उनकी घर वापसी कराई।

पति की मौत : पत्नी के दावे पर 14 लाख का होम लोन माफ, बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलेंगे 1 लाख