18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंग्लैंड में सम्मानित हुए बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

संत सिरोमणि समेत तीन अवॉर्ड से सनातन धर्म को किया गौरांवित

2 min read
Google source verification
सनातन धर्म को किया गौरांवित

सनातन धर्म को किया गौरांवित

छतरपुर। 14 जून को इंग्लैंड की संसद में भारत के लिए गौरवशाली दिवस रहा है। छतरपुर जिले में स्थित ग्राम गढ़ा के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं राष्ट्रीय कथा व्यास पं. धीरेंद्र कृष्ण शाश्त्री को इंग्लैंड की संसद में सम्मानित किया गया। जब शास्त्री को ब्रिटेन की संसद में तीन अवार्ड देकर सम्मानित किया गया तो इंग्लैंड की संसद भी जय श्री राम के नारों से गूंज उठी।

उल्लेखनीय है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 01 जून से 15 जून तक ब्रिटेन के प्रवास पर थे। इन दौरान उन्होंने लंदन और लेस्टर शहर में आयोजित श्री हनुमत कथा और श्रीमद भागवत कथा का वाचन किया। इसी बीच उनके द्वारा बागेश्वर धाम पर किए जा रहे मानव सेवा के कार्यों के लिए उनको ब्रिटेन की संसद में सम्मानित किया गया।

इस मौके के साक्षी बने इंग्लैंड के सांसद गैरिक थॉमस एवं एंड्रयू। इस अवसर पर बागेश्वर महाराज के शिष्य और छतरपुर विद्यायक आलोक चतुर्वेदी, इंग्लैंड स्थित सिद्धाश्रम पीठ के पीठाधीश्वर श्री राज राजेश्वर महाराज सहित अनेक अप्रवासी भारतीय मौजूद रहे। ब्रिटेन की संसद के द्वारा बागेश्वर महाराज को संत शिरोमणि, वल्र्ड बुक ऑफ लंदन,एवं वल्र्ड बुक ऑफ यूरोप के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि बागेश्वर पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री वर्तमान में देश के उन संतों में शुमार हैं जिन्हें करोड़ों लोग फॉलो करते हैं।


ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय ने आयोजित किया कार्यक्रम

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर थीम के अंतर्गत शिक्षा में अध्यात्म, करुणा एवं दया विषय पर स्थानीय शासकीय मॉडल हाई सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मॉडल बेसिक स्कूल के प्रिंसिपल केके खरे, गल्र्स स्कूल प्रिंसिपल अरविंद कुमार तिवारी के अलावा सभी शिक्षक, ब्रह्माकुमारीज से कल्पना बहन, भारती बहन मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज के हेड क्वार्टर माउंट आबू से पधारे ब्रह्माकुमार कीर्तिराज ने शिक्षकों को अध्यात्म का महत्व समझाते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं। शिक्षक ही बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं और उनके जीवन की नींव को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में बच्चों की मानसिकता में भी परिवर्तन हो रहा है इसलिए शिक्षकों को अपने अंदर दया व करुणा जैसे दिव्य मूल्यों को धारण करना होगा। मॉडल बेसिक स्कूल के प्रिंसिपल केके खरे ने कहा कि शिक्षक वर्ग में उमंग और उत्साह पैदा करने वाले कार्यक्रमों से बच्चों को मार्गदर्शन देने में सहजता होगी। अंत में ईश्वरीय सौगात, लिट्रेचर और प्रसाद वितरण किया गया।