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दिल्ली- कोटा, इंदौर से त्योहार मनाने लौट रहे युवाओं से बस संचालक वसूल रहे डेढ से दो गुना किराया

त्योहारी सीजन में दिल्ली और कोटा से अपने घर लौट रहे युवाओं से बस संचालक मनमाने तरीके से डेढ़ से दो गुना ज्यादा किराया वसूल रहे हैं। जबकि शासन से निर्धारित किराया 1 रुपए 25 पैसे प्रति किलोमीटर ही वसूला जा सकता है। अगर लग्जरी और एसी बस भी है तो उसमें भी अधिकतम 75 फीसदी तक अतिरिक्त किराया लिया जा सकता है।

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बस स्टैंड

छतरपुर. त्योहारी सीजन में दिल्ली और कोटा से अपने घर लौट रहे युवाओं से बस संचालक मनमाने तरीके से डेढ़ से दो गुना ज्यादा किराया वसूल रहे हैं। जबकि शासन से निर्धारित किराया 1 रुपए 25 पैसे प्रति किलोमीटर ही वसूला जा सकता है। अगर लग्जरी और एसी बस भी है तो उसमें भी अधिकतम 75 फीसदी तक अतिरिक्त किराया लिया जा सकता है। लेकिन बस संचालक सीधे सीधे डेढ़ से दो गुना किराया वसूल रहे हैं। ज्यादातर बसें 2.50 रुपए प्रति किलोमीटर तक किराया वसूल रही हैं। आमतौर पर दीपावली त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों से मिलने के लिए यात्रा करते हैं। इस बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाते हुए निजी बस संचालक यात्रियों से अत्यधिक किराया वसूल रहे हैं, जिससे यात्री काफी परेशान हो रहे हैं।

त्योहार के सीजन का बेजा लाभ उठा रहे


किराये की इस वृद्धि का मुख्य कारण त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि है, जिसके कारण सीटों की कमी हो जाती है। कई बार बसों की उपलब्धता कम होने पर यात्री मजबूरी में ज्यादा किराया देने को तैयार हो जाते हैं। नियमित किराया की तुलना में ये बस संचालक दोगुना या उससे भी ज्यादा किराया मांग रहे हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोग खासकर छात्र, मजदूर, और नौकरीपेशा लोग प्रभावित हो रहे हैं।

अलग-अलग माध्यस में कर रहे बुकिंग


इसके अलावा, ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइटों और एजेंटों के माध्यम से भी टिकटों की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस प्रकार की मनमानी को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और परिवहन विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सभी को सही किराए पर यात्रा की सुविधा मिल सके।

ये है इंदौर रूट के हाल


छतरपुर से इंदौर तक एसी बस में एक सीट का किराया शासन द्वारा 923 रुपए निर्धारित है, जबकि इन दिनों 1700 रुपए लिया जा रहा है। नीचे सिंगल वर्थ का किराया 1285 रुपए है, जबकि इन दिनों तीन हजार रुपए वसूल किया जा रहा है। अपर डबल वर्थ में एक सवारी का किराया शासन ने 1219 रुपए निर्धारित किया है। इन दिनों बस संचालक 2500 रुपए वसूल कर रहे हैं। इसी तरह दिल्ली से छतरपुर के सफर के लिए राज कल्पना ट्रेवल्स में लोअर बर्थ का किराया 2509 रुपए है। सफर एक्सप्रेस में भी 2500 से कम में लोअर बर्थ की बुकिंग उपलब्ध नहीं है। खजुराहो ट्रेवल्स में लोअर बर्थ का किराया 1795 और केडी ट्रेवल्स में बर्थ 1900 में उपलब्ध है। इनमें सबसे अधिक हद पार गोला बस सर्विस ने की है। इन्होंने सीट का 1599 और बर्थ का 2399 की वसूली शुरू कर दी है। इन बसों में 26 अक्टूबर से ऑनलाइन और ऑफ लाइन बुकिंग में यात्रियों से अवैध वसूली का खेल शुरू हो गया है। इंदौर में पढ़ रहे छात्र विष्णु राय, तनुज रिछारिया समेत कई यात्रियों का कहना है कि मजबूरी में ज्यादा रुपए देकर यात्रा करनी पड़ी।



ये है दिल्ली रूट के हाल


दिल्ली से छतरपुर का किराया उत्तरप्रदेश राज्य परिवहन की बसों में 814 रुपए निर्धारित है। लेकिन इसी सफर के लिए एसी बस के नाम पर गोला बस सर्विस 1599 रुपए ऑनलाइन वसूल रही है। वहीं राज कल्पना ट्रवल्स में किराया 1619 रुपए लग रहा है। सफर एक्सप्रे में किराया 1499 रुपए और 1699 रुपए अलग-अलग समय की बसों का दिखाई दे रहा है। केडी ट्रवल्स की बस में किराया 899 रुपए दर्शा रहा है। इस तरह से अलग-अलग बसों का किराया अलग- अलग वसूला जा रहा है। रामेश्वर पटेरिया, सुरेश पाठक ने बताया कि वे इलाज के लिए दिल्ली गए थे। लौटते समय उन्हें डेढ़ गुना किराया देना पड़ा। क्योंकि बसों में सवारियां ज्यादा है, तो बस संचालक ज्यादा किराया वसूल रहे हैं।

ये है कोटा से आने वाली बसों के हाल


दिल्ली, इंदौर की तरह ही कोटा से आने वाली बसों में भी मनमाना किराया वसूला जा रहा है। बाबू ट्रवल्स की एसी बस में एक सीट के लिए 5 हजार रुपए तक देने पड़ रहे हैं। वहीं, संस्कार ट्रवल्स की बस इसी दूरी के लिए 1499 रुपए एसी के लिए चार्ज कर रही है। कोटा से झांसी आने के लिए भी 2199 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। समय शताब्दी ट्रवल्स का किराया 2199 रुपे, जय श्रीनाथ ट्रवल्स का किराया 1400 और बाबू ट्रवल्स में 2699 रुपए, राजश्री ट्रवल्स 3499 रुपए किराया एसी सीट के लिए वसूल रहे हैं। कोटा में अध्ययनरत निमी जैन, अभि गुप्ता ने बताया कि हर बार त्योहार के समय यात्रियों की संख्या बढऩे पर किराया ज्यादा वसूला जाता है।

इनका कहना है


चाहे त्योहार हो या ऑफ सीजन हो बस संचालक निर्धारित किराए से अधिक वसूली नहीं कर सकते हैं। निर्धारित किराया सूची से यदि उससे अधिक किराए ले रहे हैं, तो कार्रवाई की जाएगी। बस संचालकों के साथ बैठक कर हिदायत गई है। नोटिस भी जारी किए गए हैं। शर्त का उल्लंघन करने पर परमिट निरस्त किया जाएगा।
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विक्रम सिंह कंग, आरटीओ