1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छतरपुर और ओरछा स्टेशनों का कायाकल्प, ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटे तक बढ़ी

अमृत स्टेशन योजना से यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाई वहीं आधुनिकीकरण की योजना से रफ्तार भी बढाई है। छतरपुर और ओरछा स्टेशन नए लुक में नजर आने लगे हैं। मैन लाइन में ट्रेनों की रफ्तार 130 और लूप लाइन में 30 किलोमीटर प्रतिघंटे तक हो गई है।

2 min read
Google source verification
chhatarpur railway station

अमृत स्टेशन योजना के तहत छतरपुर रेलवे स्टेशन लाइटिंग से जगमग

छतरपुर. उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने वर्ष 2024 में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों और सुधारों के साथ रेलवे क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। झांसी मंडल ने प्रगति के नए आयामों को छुआ, जिससे यात्रा की सुरक्षा, सुविधा और रफ्तार में सुधार हुआ है। जहां अमृत स्टेशन योजना से यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाई वहीं आधुनिकीकरण की योजना से रफ्तार भी बढाई है। छतरपुर और ओरछा स्टेशन नए लुक में नजर आने लगे हैं। मैन लाइन में ट्रेनों की रफ्तार 130 और लूप लाइन में 30 किलोमीटर प्रतिघंटे तक हो गई है।

ट्रेनों की गति में वृद्धि


तीसरी लाइन के निर्माण के साथ ही ट्रेन की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटे से बढकऱ 130 किमी प्रति घंटे तक हो गई है। इसके अलावा, लूप लाइन की स्पीड भी 15 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 30 किमी प्रति घंटे कर दी गई है, जिससे यात्रा का समय कम हुआ और यात्री अधिक सुविधाजनक यात्रा का अनुभव कर रहे हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सुधार कार्य जारी


अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 16 स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सजाया गया है, जिनमें से 10 स्टेशन पर काम जारी है। जबकि पुखरायां, ओरछा, उरई और छतरपुर में कार्य पूरा कर लिया गया है। इन स्टेशनों को अत्याधुनिक सुविधाओं और सुंदर रोशनी से सजाया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल रहा है।

रेल ट्रैक का दोहरीकरण और तीसरी लाइन का निर्माण किया


2024 में 48 किलोमीटर के रेल ट्रैक का सफलतापूर्वक दोहरीकरण किया गया, जबकि 61 किलोमीटर ट्रैक पर तीसरी लाइन का काम पूरा किया गया। इसके अलावा 13 किलोमीटर ट्रैक पर आमान परिवर्तन (गेज कन्वर्जन) का कार्य भी संपन्न हुआ, जिससे ट्रेनों की गति और यात्रा की गुणवत्ता में सुधार हुआ।

स्वचालित ब्लॉक सेक्शन की शुरुआत हुई


2 फरवरी 2024 को करारी से चिरूला के बीच स्वचालित ब्लॉक सेक्शन को कमीशन किया गया, जिससे 65 किलोमीटर क्षेत्र में ऑटोमैटिक सिग्नल का कार्य पूरा हुआ। इससे ट्रेन संचालन में सुधार हुआ और सुरक्षा को बढ़ावा मिला। झांसी मंडल ने 27 समपार फाटकों (लेवल क्रॉसिंग) को बंद किया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ी और ट्रेनों की गति में कोई विघ्न उत्पन्न नहीं हुआ। इसके साथ ही 23 लेवल क्रॉसिंग पर इंटरलॉकिंग कार्य भी पूरा किया गया, जिससे संरक्षा में सुधार हुआ। झांसी मंडल के मालनपुर यार्ड में एंकर डिवाइस की स्थापना की गई, जिससे रैक से सामान चढ़ाना और उतारना आसान हो गया है। इससे पहले ओवरहेड विद्युतीकरण के कारण यह कार्य संभव नहीं हो पाता था।

सुरक्षा में सुधार के लिए सीसीटीवी और डिस्प्ले की व्यवस्था


वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन और ग्वालियर स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे और एलईडी डिस्प्ले स्थापित किए गए हैं, जिससे सिग्नल एक्सचेंज को सुगम बनाया गया है। इससे अब स्टेशन पर किसी भी मोड़ पर सिग्नल सही रूप से दिखाई देता है, जिससे ट्रेन संचालन में मदद मिलती है। 51 रूट गेट को विद्युतीकरण से जोडकऱ सुरक्षा और संरक्षा में वृद्धि की गई है, जिससे यात्री और माल परिवहन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।