
छतरपुर. भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत अब नि:संतानता का भी उपचार होगा। इसके लिए योजना भी तैयार कर ली गई है। इसके लिए महिला को मप्र का मूल निवासी और जिला अस्पताल के रोशनी क्लब से रेफर होना अति आवश्यक होगा। योजना के तहत अन्य दिशा निर्देश भी जारी किए गए है। छतरपुर से भी अब ऐसे मामलों को रेफर करने की योजना हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत केवल उन्हीं दंपतियों का नि: संतानता का उपचार किया जाएगा, जो मध्य प्रदेश का मूल निवासी हैं। पत्नी की आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य हैं। जबकि विवाह के 3 वर्ष पूर्ण कर लिए हों।
रोशनी क्लीनिक में उपचार है जरूरी
योजना के लाभ के लिए महिला स्वास्थ्य शिविर से जिला चिकित्सालय रेफर किया जाना होना चाहिए। या फिर महिला रोशनी क्लीनिक उपचार हेतु आती हैं इसका प्रमाण होना चाहिए। इसके माध्यम से यह ज्ञात कर सुनिश्चित करना होगा कि वह आयुष्मान भारत योजना का हितग्राही हैं या नहीं। यदि है तो उसका गोल्डन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया की जाए। यदि मरीज के पास पूर्व से ही गोल्डन कार्ड हैं तो आयु का सत्यापन डीएचओ द्वारा किया जाएगा।
स्त्री रोग विशेषज्ञ की जांच रिपोर्ट भी जरूरी
आयुष्मान भारत योजना के हितग्राही का स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध जांचों के आधार पर संतानहीनता का कारण ज्ञात करना होगा। इनफर्टिलिटी का एक प्रमुख कारण टीवी भी है अत: आवश्यकता पडऩे पर महिला हितग्राही को जांच कराना सुनिश्चित करना होगा। कारण के आधार पर प्रबंधन जिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा प्रारंभ करना होगा। यदि जांचों के अभाव के कारण ज्ञात नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में स्त्री रोग विशेषज्ञ अपना अभिमत अंकित जिला अस्पताल के मेडिकल वोट को अग्रेषित करेंगे। संतान हीनता के कारणों अथवा स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभिमत के आधार पर आयुष्मान भारत योजना मान्यता प्राप्त निजी इनफर्टिलिटी सेंटर में प्रथम पैकेज हेतु रेफर की गई महिलाओं का प्रमाणीकरण जिला अस्पताल के मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाएगा। जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ व महिला चिकित्सा अधिकारी का सदस्य रूप होना अनिवार्य हैं।
सीएमएचओ करेंगे रेफरल लेटर जारी
जिला चिकित्सालय के मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर जिले के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा हितग्राही को सुविधानुसार आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत मान्यता प्राप्त निजी के प्रथम पैकेज के अंतर्गत उपचार हेतु लेटर जारी करेंगे। जिन दंपतियों के प्रथम पैकेज के आधार पर गर्भधारण नहीं होता हैं या जिसमें सीधे आईवीएफ की आवश्यकता होती हैं उन्हें निजी एआरटी सेंटर द्वारा की गई जांच व उपचार संबंधी मेडिकल रेकॉर्ड व आईबीएफ/ आईसीएसआई कराने की सलाह के आधार पर संभागीय संयुक्त संचालक की अध्यक्षता में गठित संभाग स्तरीय मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणीकरण के आधार पर द्वितीय पैकेज के लिए योजना अंतर्गत मान्यता प्राप्त निजी इनफर्टिलिटी सेंटर में रेफर किया जाएगा।
यह दस्तावेज भी जरूरी
आयु के सत्यापन के लिए निम्न दस्तावेज मान्य होंगे। जिसमें स्थानीय निकाय द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र। माध्यमिक शिक्षक मंडल द्वारा दसवीं की कक्षा की मार्कशीट और जिला दंडाधिकारी कार्यालय से जन्म से संबंध में जारी प्रमाण पत्र।
Published on:
20 Jan 2020 08:58 pm
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