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चरनोई की जमीन से 4 अरब के अवैध उत्खनन पर ठेका कंपनी को कलक्टर ने जारी किया नोटिस

पटवारी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, तीन साल से एसडीएम दबाए बैठे रहे फाइल, कलक्टर ने दिखाई सख्ती

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कलक्ट्रेट कार्यालय

कलक्ट्रेट कार्यालय

छतरपुर. छतरपुर खजुराहो-झांसी फोरलेन के निर्माण में नौगांव के करारागंज में शासकीय जमीन में मुरूम और मिट्टी के अवैध खनन करने के मामले में कलक्टर न्यायालय ने पीएनसी कंपनी के ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। कलक्टर संदीप जीआर ने राजस्व और खनिज की अनुमति के बगैर 4 अरब रुपए के मुरम और मिट्टी का अवैध खनन मामले में पीएनसी कंपनी के ठेकेदार को न्यायालय में हाजिर होने के आदेश दिए हैं। झांसी खजुराहो फोरलेन के निर्माण के दौरान चरनोई भूमि से 4 अरब के अवैध उत्खनन पर कार्रवाई की फाइल नौगांव एसडीएम कार्यालय में तीन साल अटकी रही। तात्कालीन कलक्टर ने अवैध उत्खनन की जांच कराई थी, जिसमें करारागंज में चरनोई भूमि से मिट्टी व मुरम का अवैध उत्खनन पाया गया। जिसकी रिपोर्ट पटवारी ने दी, लेकिन कार्रवाई की फाइल एसडीएम ने आगे नहीं बढ़ाई। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद कलक्टर के निर्देश पर जुलाई में फाइल छतरपुर आई। अब मामले में कलक्टर ने सख्त रुख अपनाया है।


ये है मामला
झांसी खजुराहो फोरलेन निर्माण के दौरान पीएनसी कंपनी द्वारा शासकीय भूमि से मिट्टी और मुरम का खनन किया गया। इस मामले में तत्कालीन छतरपुर कलक्टर ने नौगांव एसडीओ राजस्व को 15 मई 2020 को पत्र लिखकर 3 दिन के अंदर जांच कर प्रतिवेदन मांगा था। लेकिन 3 दिन की जगह 3 साल बीत गए। पीएनसी कंपनी पर कार्रवाई तो दूर जांच रिपोर्ट ही कलक्टर के कार्यालय तक नहीं पहुंचाई गई। कलक्टर के पत्र पर हल्का पटवारी ने मौका मुआयना करते हुए लगभग 2 करोड़ 45 लाख 50 हजार घनमीटर से अधिक मिट्टी अथवा मुरम का अवैध खनन पाया था। सरकारी रेट के मुताबिक इस अवैध खनन से शासन को 3 अरब 6 करोड़ 87 लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। नौगांव तहसील क्षेत्र के करारागंज गांव मौजा में शासन के द्वारा गायों के विचरण एवं उनके चरने के लिए आरक्षित की गई 5 हेक्टेयर 140 आरए भूमि सहित मौजा में स्थित कई शासकीय जमीनों एवं तालाब में अवैध तरीके से खनन करते हुए मिट्टी और मुरम निकालने का मामला सामने आया था। पीएनसी कंपनी ने पर्यावरण विभाग सागर एवं खनिज विभाग की अनुमति के बिना के ही गायों के लिए निर्धारित गोचर जमीन पर एलएंडटी और पोकलेन मशीनों से गहरी खुदाई करके हजारों डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली मुरम निकालकर अवैध तरीके से सडक़ निर्माण कार्य के बेस में लगाई है।

जांच में मिला इतना अवैध उत्खनन
करारागंज में पीएनसी कंपनी के द्वारा किए जा रहे अवैध खनन पर कलक्टर शीलेंद्र सिंह ने संज्ञान में लेते हुए 15 मई 2020 को नौगांव अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को पत्र लिखकर 3 दिवस में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। जिसपर नौगांव तहसीलदार ने 16 जून 2020 को राजस्व निरीक्षक को पत्र लिखकर 3 दिवस के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी। राजस्व निरीक्षक के पत्र पर हल्का पटवारी ने 3 जुलाई 2020 को मौका निरीक्षण करने के बाद पंचनामा तैयार कर जांच रिपोर्ट तहसीलदार नौगांव को सौंप दी। पटवारी की जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि भूमि खसरा नंबर 2908/1/1 भूमि 5 हेक्टेयर 140 आरए पर पीएनसी कंपनी द्वारा अवैध तरीके से 1000 वाई 300 वाई 50 घन फीट, भूमि खसरा नंबर 1507 रकबा 1.001 हेक्टेयर बाबा तालाब से लगभग 150 वाई 140 वाई 50 घन फीट, खसरा नंबर 2650 रकबा 2.144 हेक्टेयर भुजरया तालाब से लगभग 200 वाई 100 वाई 70 घनफीट, खसरा नंबर 1677 रकबा 0.466 हेक्टेयर खजनर तालाब से लगभग 200 वाई 100 वाई 50 घनफीट मिट्टी अथवा मुरम का अवैध खनन करते हुए फोरलेन निर्माण के उपयोग में ली गई है। इसके साथ ही खसरा नंबर 2908/1/1 से भी मिट्टी निकाली गई। पटवारी रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 2 करोड़ 45 लाख 50 हजार घनमीटर से अधिक मिट्टी अथवा मुरम का अवैध खनन किया गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस अवैध उत्खनन से शासन को 3 अरब 6 करोड़ 87 लाख से अधिक का राजस्व का नुकसान हुआ है।