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BIG NEWS समिति प्रबंधक के ठिकानों से मिली पौने चार करोड़ की संपत्ति, जानिए क्या है मामला

तीन साल बाद एक और भ्रष्ट समिति प्रबंधक के यहां लोकायुक्त का छापा

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Committee Manager Millennium Property Property

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छतरपुर। जिले में सहाकारिता में करोड़ों रुपए का घोटाला करने वाले सेवा सहकारी सोसायटी वीरों के समिति प्रबंधक भानुप्रताप उर्फ लल्लू अवस्थी के तीन ठिकानों पर लोकायुक्त सागर की पुलिस टीम ने एक साथ छापामार कार्रवाई की है। सहाकारिता माफिया हरिओम अग्निहोत्री के साथ मिलकर सहकारिता में लंबा गबन करने वाले लल्लू अवस्थी के ठिकानों से करोड़ों रुपए की आय से अधिक संपत्ति मिली है। सुबह तड़के 5 बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। तीन साल पहले हरिओम अग्निहोत्री के यहां भी लोकायुक्त ने ऐसी ही कार्रवाई की थी, लेकिन अब तक इस मामले में चालान पेश नहीं हो पाया। उधर लल्लू अवस्थी के यहां कार्रवाई होने से सहकारिता घोटाले में शामिल अन्य भ्रष्टाचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
समिति प्रबंधक लल्लू अवस्थी के ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने छापामार कार्रवाई कर जांच शुरू कर दी है। सागर से आई लोकायुक्त टीम ने आय से अधिक संपत्ति होने के चलते यह कार्रवाई की। सेवा सहकारी समिति वीरों बरेठी के प्रबंधक भानु प्रताप उर्फ लल्लू अवस्थी के छतरपुर में पेप्टेक सिटी स्थित निवास सहित पैतृक गांव वीरों और बरेठी में शुक्रवार सुबह 5 बजे एक साथ दविश देकर एक साथ कार्रवाई शुरू की। लोकायुक्त को इस कार्रवाई में अभी तक समिति प्रबंधक लल्लू अवस्थी के पास आलीशान मकान, लाखों का फर्नीचर और लग्जरी गाड़ी सहित कई ट्रक और जेसीबी होने के दस्तावेज मिले है। लोकायुक्त द्वारा की गई इस कार्रवाई के चलते गांव में भारी तादात में पुलिस बल तैनात किया गया था। लोकायुक्त टीआई मंजू सिंह पटेल, टीआई बीएम द्विवेदी, टीआई एसके जामरा के नेतृत्व में तीन ठिकानों पर यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक महेश हजारी, राजकुमार सेन, आरक्षक आशुतोष ब्यास, यशवंत सिंह, सुरेंद्र सिंह, गनेश कुशवाहा, संतोष गोस्वामी, सफीक खान आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि जिला सहकारी बैंक में किसानों के नाम हुए करोड़ों के घोटाले में भानुप्रताप उर्फ लल्लू अवस्थी को निलंबित कर दिया गया था। लेकिन वह अपने रुतबे और रसूख के चलते बहाल हो गया। इससे पहले भी जिले के डिकौली सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक हरि ओम अग्निहोत्री के यहां लोकायुक्त की कार्रवाई हुई थी जिसमें करोड़ों रुपए की संपत्ति का पता चला था।
लाखों की जमीन, इंदौर में फ्लैट, मकान और ट्रक-जेसीबी मिले :
समिति प्रबंधक लल्लू अवस्थी के ठिकानों से करीब पौने चार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति मिली है। लोकायुक्त टीआइ मंजू सिंह पटेल ने बताया कि लल्लू अवस्थी के पास 50 लाख 64 हजार कीमत की कृषि भूमि उसके गांव बरेठी और आस-पास मिली है। इसके आलवा गांव मे मकान, गैरेज, इंदौर में फ्लैट, पेप्टेक सिटी में आलीशान मकान, एक लाख रुपए के जेवरात, नगदी के अलावा 9 ट्रक, 2 जेसीबी मशीनें, 1 स्कार्पियो वाहन, 1 बोलेरो, 1 टै्रक्टर, 1 बुलेट, हीरोहोंडा बाकइ सहित करोड़ों रुपए की प्रॉपट्र्री मिली है। लगातार संपत्ति का आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह 5 बजे से शुरू हुई कार्रवाई दोपहर 2 बजे तक जारी रही।
आइए जानते है भानु अवस्थी के बारे में :
सेवा सहकारी समिति वीरों बरेठी के सेल्समैन से समिति प्रवन्धक बने भानुप्रताप अवस्थी की कहानी बड़ी अजीब है। उन्होंने सहकारिता में रहकर कई घोटाले किए जिसमे हाल में ही बड़ामलहरा में सामने आया 5 करोड़ का घोटाला है। उसके बाद उन्होंने कई खरीदी केन्दों में अपने ट्रक के माध्यम से ढुलाई कर लाखों रुपए कमाए। फिलहाल सबसे बड़ा मामला उनके पास आय से अधिक संपत्ति का है। महज 8 से 10 हजार रुपए की मासिक की नौकरी करने वाले समिति प्रबंधक के पास इतनी अपार संपत्ति होने की जानकारी के बाद ही लोकायुक्त ने यह कार्रवाई की है। यह अनुपातहीन संपत्ति उन्होंने सहकारिता के अलावा खनन, ट्रांसपोर्ट, रेत, खनिज के कारोबार से कमाए है। उनके फेसबुक पेज पर दर्जनों ट्रक, जेसीबी, ट्रैक्टर की फोटो मौजूद हैं, जिसमें दीपावली के समय वे अपने वाहनों की पूजा करते दिखाए गए हैं। लल्लू अवस्थी जिला, राजधानी सहित कई जगह आलीशान मकान हैं जो वह किराए पर दिए हैं। भानुप्रसाद अवस्थी के खिलाफ बड़ामलहरा, भगवां आदि थानों में कई केस भी दर्ज हैं।
हरिओम अग्निहोत्री भी निकला था करोड़ों का आसामी, अब तक चालान पेश नहीं :
लल्लू अवस्थी के साथ सहकारिता महाघोटाला में शामिल डिकौली सोसायटी के समिति प्रबंधक हरिओम अग्निहोत्री के ठिकानों पर भी लोकायुक्त ने तीन साल पहले 6 अगस्त २०१५ को छापा मारा था। हरिओम के पैतृक गांव डिकौली, छतरपुर के लोकनाथपुरम के आलीशान मकान और समिति के कार्यालय से मिले रिकार्ड के मुताविक लोकायुक्त टीम को 750 ग्राम सोने के जेवरात, दो किग्रा. चांदी, लग्जरी कार, दो बाइक और 2 लाख 43 हजार नगद सहित बहुमंजिला मकान मिला था। ११ साल से है प्रबंधक के रूप में काम कर रहे हरिओम अग्निहोत्री वर्ष 2006 से प्रबंधक के पद पर नियुक्त हुए थे। उनकी कुल वेतन 9000 मासिक है। जब छापा पड़ा था तब तक इन सालों में उन्हें वेतन से कुल 972000 की आय हुई थी। लेकिन मिली सम्पत्ति करोड़ो में है। कार्रवाई के बाद हरिओम पर लोकायुक्त ने मामला दर्ज कर लिया था। लोकायुक्त पुलिस ने समिति प्रबंधक हरीओम अग्निहोत्री पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया था। हरिओम की संपत्ति करीब ५ करोड़ रुपए होने से ज्यादा की पाई गई थी।
एक करोड़ रुपए आंकी गई थी मकान की कीमत :
लोकायुक्त पुलिस को समिति सेवक हरिओम अग्निहोत्री के यहां आय से अधिक संपत्ति मिली थी। प्रारंभिक तौर पर आरोपी के छतरपुर स्थित घर की कीमत एक करोड़ रुपए आंकी गई थी। इसके साथ आरोपी की नेशनल हाइवे और उसके आस पास करीब 102 एकड़ कृषि भूमि मिली थी। इसकी कीमत डेढ़ करोड़ रुपए आंकी गई थी। इसके साथ ढाई लाख नकदी, 500 ग्राम सोना, डेढ़ किलो चांदी के अलावा अन्य दस्तावेजों की जांच भी की गई थी। इसके साथ हरीओम अग्निहोत्री के डिकौली स्थित पैतृक निवास पर भी कार्रवाई हुई थी। आरोपी के भाई की संपत्ति को भी जांच के दायरे में लिया गया है। उधर इस मामले में शिकायतकर्ता गोविंद सिंह परिहार ने लोकायुक्त को शिकायत कर हरिओम अग्निहोत्री की पत्नी विद्या अग्निहोत्री और उनके बेटों को भी सहआरोपी बनाने की मांग की है। इस आशय का आवेदन लोकायुक्त में देते हुए उन्होंने हरिओम के मामले में अब तक चालन पेश नहीं होने के कारण लोकायुक्त पर भी सवाल उठाए हैं।