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कोर्ट ने जमानत की खारिज, दो दिन की पुलिस रिमांड पर रहेगा गिरिराज शर्मा

चंबल क्षेत्र के निवासी रेत कारोबारी गिरिराज शर्मा की जमानत याचिका खारिज हो गई है।

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Court rejects bail, Giriraj Sharma will be on two-day police remand

Court rejects bail, Giriraj Sharma will be on two-day police remand

छतरपुर. चंबल क्षेत्र के निवासी रेत कारोबारी गिरिराज शर्मा की जमानत याचिका खारिज हो गई है। अब सिविल लाईन पुलिस उसे दो दिन की पुलिस रिमाण्ड में रखकर 67 लाख रुपए की ठगी के एक बड़े मामले में जांच पड़ताल कर सकेगी। गुरुवार को सिविल लाइन पुलिस ने गिरिराज शर्मा के साथ उसके किराए के मकान एवं बिजावर रोड पर स्थित एक कम्प्यूटर की दुकान पर जांच पड़ताल कर कुछ दस्तावेज जब्त किए। गौरतलब है कि खुद को कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का खास बताने वाले गिरिराज शर्मा को 13 जून के दिन पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरिराज पर आरोप हैं कि उसने छतरपुर में एसवीएन कॉलेज संचालित करने वाले अभय भदौरिया को बालू के कारोबार में साझेदार बनाने के लिए 67 लाख रुपए लेकर उन्हें धोखा दिया है।
अभय भदौरिया ने बताया कि गिरिराज शर्मा ने लगभग तीन माह पूर्व उसे अपने जाल में फंसाया था। खुद को सिंधिया का खास बताकर उसने कहा कि उसके पास गौरिहार क्षेत्र में रेत की कुछ वैधानिक खदानें एवं डंप की अनुमतियां मौजूद हैं। इस कारोबार में पैसा लगाकर उसने हमें व्यापार का ऑफर दिया उसके इस प्रलोभन में हम फंस गए और हमने 40 लाख रुपए नकद व 27 लाख रुपए गरिराज शर्मा को बैंक खाते में दिए। रकम लेकर गिरिराज शर्मा ने व्यापार में दिक्कतें बतानी शुरू कीं। हमने जब खदानों के वैधानिक दस्तावेज मांगे तो वह घुमाने लगा। हमें संदेह हुआ तो हमने अपना पैसा वापस मांगा। गिरिराज शर्मा लगातार पैसे देने में आनाकानी कर रहा था जिसके बाद हमने एसपी तिलक सिंह को शिकायती आवेदन देकर मामले की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने टीम बनाकर आरोपी की गिरफ्तारी कराई। पुलिस अब मामले की विवेचना कर रही है।

चर्चा का विषय बनी हिसाब की डायरी, अधिकारियों के नाम पर है लेनदेन
इस मामले में पुलिस सूत्रों के हवाले से जो खबरें सामने आ रही हैं वे बेहद चौकाने वाली हैं। खबर है कि 67 लाख की इस ठगी के मामले में पुलिस ने जिस तत्परता से गिरिराज शर्मा को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध कार्यवाही शुरू की है उसके पीछे की वजह गिरिराज के हिसाब-किताब के दस्तावेज हैं। इस कारोबार में जुड़े एक विश्वनीय सूत्र ने बताया कि गिरिराज शर्मा और अभय भदौरिया के बीच हुई साझेदारी के दौरान हिसाब-किताब की जो डायरी बनाई गई थी उसमें गिरिराज ने कई अधिकारियों के नाम पर लाखों रूपए की मासिक बंधी चुकाने का ब्यौरा लिखा है। हिसाब-किताब की यह डायरी किसी भी वक्त शिकवा-शिकायत के दौरान पब्लिक हो सकती थी इसलिए इस मामले में गिरिराज शर्मा पर जल्द से जल्द शिकंजा कसा गया। यदि इस मामले की जांच लोकायुक्त या मुख्यमंत्री के निर्देश पर किसी विशेष टीम से कराई जाए तो इस कारोबार में कई अधिकारियों के शामिल होने के पुख्ता सबूत सामने आ सकते हैं।
इतनी नकदी कहां से आई, इनकम टैक्स ले संज्ञान
इस मामले में चौकाने वाली ये है कि पुलिस के पास लिखित रूप से लाखों रूपए ठगे जाने की शिकायतें की गई हैं। पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया है लेकिन शिकायत में कहा गया है कि 40 लाख का नगद एवं 27 लाख का ऑनलाईन लेनदेन हुआ है फिर भी इस मामले में अब तक आयकर विभाग ने संज्ञान नहीं लिया है। इतनी बड़ी राशि नगद लेनदेन के लिए दोनों पक्षों के पास कहां से आई इस मामले में आयकर विभाग को भी जांच करनी चाहिए। इस जांच से आय से अधिक संपत्ति का मामला भी सामने आ सकता है।