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नहीं आए डॉक्टर तो खुद स्ट्रेचर से ले गए निजी अस्पताल

लापरवाही की दो तस्वीरें: नहीं आए डॉक्टर तो खुद स्ट्रेचर से ले गए निजी अस्पतालइधर, नसबंदी शिविर में बिगड़ी महिला की हालत, जिला अस्पताल लाई गई

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लापरवाही की दो तस्वीरें

लापरवाही की दो तस्वीरें

छतरपुर। जिले में स्वास्थ विभाग की लापरवाही की दो तस्वीरें सामने आईं है। जिला अस्पताल में मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलने पर परिजनों को रात 11 बजे निजी अस्पताल लेकर जाना पड़ा, वहीं दूसरी घटना में नसबंदी शिविर में ऑपरेशन कराने वाली महिला को इमरजेंसी में जिला अस्पताल लेकर भागना पड़ा।

पहला केस
छतरपुर जिले के बनगांय निवासी संतोष पटेल ने बताया कि बीती रात वे अपने गांव से खजुराहो क्षेत्र के ग्राम ठठेवरा पुरवा जा रहे थे तभी हाइवे पर अचानक एक गाय सामने आ गई। बाइक पर मौजूद उनकी सरहज श्रद्धा पटेल जमीन पर गिर गयीं जिसके कारण उन्हें सिर में गंभीर चोट आयी। परिजन तुरंत रात करीब 10 बजे उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में सिर्फ नर्सें मौजूद थीं। उन्होंने महिला को इंजेक्शन लगाया लेकिन काफी देर बाद भी महिला का दर्द कम नहीं हो रहा था और उसे उल्टियां हो रही थीं। बार-बार कहने पर भी जब कोई डॉक्टर यहां नहीं पहुंचा तो परिजनों ने अपने मरीज की जान बचाने के लिए उन्हें निजी अस्पताल ले जाने का तय कर लिया। बगल में मौजूद निजी अस्पताल से स्टे्रेचर लाकर परिजन इस महिला को हाइवे के रास्ते निजी अस्पताल तक ले गए। महिला को अब निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में 38 डॉक्टरों की कमी और 68 अन्य नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण आए दिन यह समस्याएं सामने आ रही हैं। मरीजों को इलाज के लिए समय पर डॉक्टर ही नहीं मिलते।

दूसरा केस
इन दिनों परिवार नियोजन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले भर में नसबंदी के शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। विगत रोज ऐसा ही एक नसबंदी शिविर लवकुशनगर में आयोजित किया गया था जिसमें एक महिला की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ गयी जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जानकारी के मुताबिक लवकुशनगर क्षेत्र के ग्राम हरद्वार निवासी वीरू कुशवाहा की 24 वर्षीय पत्नी दो बच्चों के जन्म के बाद मंगलवार को लवकुशनगर में आयोजित नसबंदी शिविर में अपना ऑपरेशन कराने गई थी। यहां ऑपरेशन के बाद महिला के पेट में लगाए गए टांके खुल गए जिसके कारण लगातार उसका खून बहने लगा। महिला को रात के वक्त ही लवकुशनगर से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। महिला के पति वीरू कुशवाहा ने कहा कि नसबंदी शिविर में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के द्वारा लापरवाही की गई है। महिला को अत्यधिक खून बह जाने के कारण गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। अस्पताल में 24 साल की रामप्यारी कुशवाहा का इलाज किया जा रहा है।

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