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बिजली कंपनी ने जारी किया अलर्ट, स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करने पर अब होगी एफआईआर

बिजली विभाग इन दिनों विद्युत चोरी एवं मीटर से छेड़छाड़ करने वालो पर कड़ी कार्यवाही करने की तैयारी में है। विगत दिनों में छतरपुर शहर के अंतर्गत नए लगाये जा रहे स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करने के अनेकों प्रकरण विभाग की पकड़ आए हैं, जिसमें बाहरी प्राइवेट व्यक्ति की संलिप्तता से उपभोक्ताओं के द्वारा स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ कराई गई है।

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बिजली कंपनी दफ्तर

छतरपुर. बिजली विभाग इन दिनों विद्युत चोरी एवं मीटर से छेड़छाड़ करने वालो पर कड़ी कार्यवाही करने की तैयारी में है। विगत दिनों में छतरपुर शहर के अंतर्गत नए लगाये जा रहे स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करने के अनेकों प्रकरण विभाग की पकड़ आए हैं, जिसमें बाहरी प्राइवेट व्यक्ति की संलिप्तता से उपभोक्ताओं के द्वारा स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ कराई गई है।

चेकिंग के लिए बनाई टीम


कार्यपालन अभियंता अमर श्रीवास्तव के द्वारा लगातार विशेष चेकिंग अभियान चलाकर जांच टीमों का गठन किया गया है, जो कम खपत आने वाले उपभोक्ताओं के परिसरों को चेक कर रही है। कुछ दिनों पहले ही स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करते हुए पाये जाने पर उपभोक्ता के विरुद्ध सिविल लाइन ठाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। सहायक अभियंता शहर सौरभ टिकरिया ने बताया कि शहर में कुल 45000 से अधिक उपभोक्ता हैं, जिसमें 10000 से अधिक के बिल 100 रूपए से कम आ रहे है। इस कनेक्शनों की सघन जांच लगातार की जा रही है।

प्राइवेट लोगों के बहकावे में न आए


अमर श्रीवास्तव के द्वारा सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है किसी भी बाहरी-प्राइवेट व्यक्ति के बहकावे में आकर स्मार्ट मीटर के साथ छेड़छाड़ ना कराएं अन्यथा पुलिस कार्यवाही की जाएगी, विद्यत अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मीटर से छेड़छाड़ करने पर तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। अब तक 100 से अधिक परिसरों में बिजली की चोरी मिलने पर विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है।

लालच में एफआईआर की आ जाएगी नौबत


गौरतलब है कि शहर में करीब 18 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। लेकिन कुछ प्राइवेट कर्मचारी खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताकर उपभोक्ताओं को मीटर सुधार कर बिजली बिल कम आने का दावा करके झांसे में ले रहे हैं। खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी कहे जाने पर उपभोक्ता इनकी बातों पर यकीन कर निजी तौर पर मीटर में छेड़छाड़ या सुधार करा ले रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को इन निजी कर्मचारियों को पहचानने और उनके झांसे में न आने की जरूरत है। अन्यथा बिजली का बिल कम कराने के चक्कर में पुलिस एफआईआर तक की नौबत आ सकती है।