अमृत योजना के तहत बूढ़ा बांध में बना 60 लाख लीटर का इंटकवेल हुआ तैयार
छतरपुर. एक साल की लेटतलीफी के बाद बूढ़ा बांध इंटेकवेल का बिजली कनेक्शन हो गया है। नगरपालिका ने 78 लाख की निकाय निधि से पन्ना रोड स्थित बूढ़ा बांध में 60 लाख लीटर क्षमता वाले इंटेकवेल का निर्माण कराया है। इसके साथ ही नगर पालिका ने 1.41 करोड़ की लागत से 33 केवी की लाइन के साथ सब स्टेशन तैयार किया है। इस सब स्टेशन का बिजली कनेक्शन होने से शहर के 20 हजार घरों में पेयजल की सप्लाई हो सकेगी। इस सुविधा के बढऩे से गर्मियों में पानी की मांग बढऩे पर दिन में एक नहीं दो बार पानी मिल सकेगा।
14 टंकियों को 60 प्रतिशत तक भरने की क्षमता
बूढ़ा बांधा का इंटेकवेल 19 मीटर गहरा है। जो 14 मीटर बांध की तह तक और 5 मीटर ऊपरी हिस्से में है, जिसकी चौड़ाई 6 मीटर की है। इस इनटेकवेल की क्षमता 60 लाख लीटर प्रतिदिन की है। इसमें एकत्र पानी को प्रतिदिन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में भेज कर साफ किया जाएगा। इसके बाद शहर के करीब 20 हजार घरों में सप्लाई किया जाएगा। 60 लाख लीटर क्षमता वाले इंटेकवेल के माध्यम से शहर में मौजूद 14 टंकियों को 60 प्रतिशत तक भरा जा सकेगा।
कनेक्शन होने पर 14 टंकी में दो बार भर सकेंगे पानी
अमृत योजना प्रभारी ने बताया कि अब बूढ़ा बांध स्थित इंटेकवेल से शहर में पानी आना शुरू हो जाएगा। जिससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 14 पानी की टंकियों में एक दिन में दो बार पानी भरा जा सकेगा। टंकियों में पानी समय पर पहुंचने से जिन क्षेत्रों में सप्लाई बंद पड़ी है, उनकी भी चालू कर दी जाएगी और शहर की पेयजल समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएगी।
पचेर घाट व खौंप तालाब से पानी की हो रही सप्लाई
वर्तमान में अमृत जल योजना के तहत शहर में मौजूद एक करोड़ लीटर क्षमता वाली 14 टंकियों में ईशानगर क्षेत्र स्थित धसान नदी के पचेर घाट का पानी पंप हाउस तक पहुंचाकर सप्लाई किया जाता है। लेकिन आगामी वर्ष 2035 की कार्य योजना को ध्यान में रखते हुए नपा छतरपुर इस इनटेकवेल का निर्माण कराया है, ताकि शहर बढऩे के साथ ही पेयजल सप्लाई को भी बढ़ाया जा सके। अब नगर पालिका के पास धसान नदी के पचेर घाट के साथ ही महोबा रोड स्थित खौंप तालाब और पन्ना रोड स्थित बूढ़ा बांध अतिरिक्त पेयजल सप्लाई के लिए उपलब्ध होगा।
इनका कहना है
बूढ़ा बांध सब स्टेशन में बिजली कनेक्शन हो गया है। जल्द ही हम ट्रॉयल करेंगे। बांध का पानी मोटे के महावीर की टंकी तक भेजकर ट्रायल किया जाएगा। गर्मियों में पानी की खपत बढऩे पर हम दोनों टाइम पानी देने की स्थिति में अब आ गए हैं।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ