पत्रिका अभियान का असर
छतरपुर. शहर के सभी वार्ड में रहने वालों को अभी अमृत परियोजना के तहत नलों से पानी मिलने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अब दो संपवेल में बिजली कनेक्शन हो गए है, जिससे जल्द ही लोगों को इस समस्या से निजात मिलने वाली है। जिससे लोगों को गर्मियों में दिन में दो बार पानी सप्लाई की जा सकेगी। इसका कार्य पूरा हो चुका है और कनेक्शन धारियों को जल्द की इसका लाभ मिलने लगेगा।
शहरवासियों को गर्मियों में दिन में दो बार पानी सप्लाई देने की अमृत योजना ६ साल की मेहनत के बाद कंपलीट हो गई है। सागर रोड स्थित मोटे के महावीर मंदिर के पास बनाए गए पंप हाउस में 630 केवी क्षमता का ट्रांसफॉर्मर ने काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए पावर हाउस से केंद्र तक 33 केवी बिजली लाइन बिछाई गई है। ट्रांसफॉर्मर लग जाने से 180 हॉर्सपावर की चार मोटरों को एक साथ चलाया जा सकता है। पहले सिर्फ दो मोटर चलाई जा रही थीं। इसके अलावा बूढ़ा बांध में भी संपवेल का निर्माण और बिजली कनेक्शन का काम पूरा हो गया है। ऐसे में दो संपवेल शहर के सभी वार्डों में पानी सप्लाई के लिए तैयार हो गए हैं।
मोटर क्षमता बढऩे से नपा यदि चाहे तो शहर में 24 घंटे तक लगातार पेयजल सप्लाई कर सकती है। इससे पेयजल सप्लाई की क्षमता तीन गुना बढ़ गई है।
इससे जल्द ही लोगों को दिन में दो बाद पानी मिल सकेगा। साथ ही धीमी गति से पानी आने की दिक्कत भी काफी हद तक समाप्त हो सकेगी। साथ ही जहां पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है जहां पर पहुंचने के लिए नगर पालिका की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
मोटे के महावीर मंदिर के पास बनाए शुद्ध भंडार केंद्र में 23 लाख लीटर पानी स्टोरेज करने की क्षमता है। परियोजना वर्ष 2014 में डीपीआर तैयार किया गया था, तीन साल बाद शासन से मंजूरी मिली। 2017 में योजना पर काम शुरू किया गया। सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया ने बताया कि इसके तहत शहर में सात पानी की टंकी, दो फिल्टर प्वाइंट बनाए गए हैं। सभी 40 वार्डों में 213 किलो मीटर की पाइप लाइन डाली गई। पचेर घाट से शहर तक करीब 30 किमी तक मुख्य पाइप लाइन बिछाई गई। यह करीब 7 साल बाद यह प्रोजेक्ट 50 करोड़ में पूरा हो गया और 11 करोड़ रुपए की बचा भी लिए गए हैं।