
किसानों को देने की सुध तक नहीं
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छतरपुर। जिले के किसानों को प्राकृतिक आपदा की राशि नहीं मिल पा रही है। वर्ष २०१९ में अतिवृष्टि से खराब हुई खरीफ सीजन की सोयाबीन, उड़द की फसल के मुआवजा के लिए जिले के ३ लाख ८० हजार किसानों को २७८ करोड़ राहत राशि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृति की गई। लेकिन तंगहाली के चलते तात्कालीन कांग्रेस सरकार ने केवल २५ फीसदी राशि ६९ करोड़ ही प्रशासन को बांटन के लिए दिए। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि इन ६९ करोड़ रुपए की ८१ फीसदी राशि ही बांटी गई है, जो महज २ लाख ८० हजार किसानों के खातों में पहुंच पाई। उसमें से १२.६३ करोड़ रुपए किसानों को दो साल बाद भी नहीं बंट पाए हैं। जो ट्रेजरी में अभी तक पड़े हुए हैं।
सबसे ज्यादा ५८ हजार किसान वीडी शर्मा के क्षेत्र में
सरकार द्वारा स्वीकृत की गई राहत राशि में से २५ फीसदी राशि भी जिन किसानों को नहीं मिली है उनकी संख्या वैसे तो १ लाख २ हजार ३४८ है लेकिन इनमें सबसे ज्यादा साढ़े ५८ हजार किसान प्रदेश के सबसे ताकतवर सांसद और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के संसदीय क्षेत्र के हैं। इनमें राजनगर तहसील के २४ हजार ३५४ किसान, लवकुशनगर तहसील के ३ हजार ४३३ किसान, गौरिहार तहसील के २६ हजार ४९९ किसान और चंदला तहसील के ४ हजार २१४ किसान ऐसे हैं जिन्हें आज तक इस राहत राशि में से फूटी कौंड़ी भी नसीब नहीं हुई है।
केवल ८१ प्रतिशत किसानों को मिली है २५ फीसदी राशि
जिले भर के ८१ प्रतिशत किसानों के खातों में अब तक २५ फीसदी राहत राशि पहुंच पाई है। जानकारी के मुताबिक छतरपुर तहसील के ५९ हजार किसानों में से ४३ हजार ४९० किसानों को राशि प्राप्त हुई है जबकि १५ हजार ५६५ किसान अभी भी उम्मीद लगाए बैठे हैं। राजनगर तहसील के ६५ हजार ८४६ किसानों में से ४१ हजार ४९२ किसानों को राशि मिली है जबकि २४ हजार ३५४ किसान अभी भी तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। बिजावर तहसील के २७ हजार ३० किसानों में से ४ हजार ९०७ किसान अभी राहत राशि पाने से वंचित हैं। बड़ामलहरा तहसील के २६ हजार ५२१ किसानों में से १७८७ किसानों को राहत राशि देखने को भी नहीं मिली है। घुवारा तहसील के १९ हजार ८७७ किसानों में से ३ हजार ७१ किसान राहत राशि पाने का इंतजार कर रहे हैं। लवकुशनगर तहसील के २० हजार ९६३ किसानों में से ३ हजार ४३३ किसानों को राहत राशि नहीं मिली है। गौरिहार तहसील के ५८ हजार किसानों में से २६ हजार ४९९ किसान राहत राशि पाने से वंचित हैं। चंदला तहसील के २३ हजार २०१ में से ४२१४ किसान को राहत राशि नहीं मिल पाई है।
कुल २२३ करोड़ बकाया
नौगांव तहसील के ४० हजार २६७ किसानों में से १० हजार ५८५ किसान ऐसे हैं जिन्हें राहत राशि का एक पैसा भी नहीं मिला है। महाराजपुर तहसील के २१ हजार ५२५ किसानों में से २ हजार ४८१ किसान ऐसे हैं जो अभी राहत राशि पाने के लिए तरस रहे हैं। समूचे जिले में १ हजार २११ गांव के ३ लाख ८० हजार ३६२ किसानों को २७८ करोड़ ५२ लाख ८१ हजार ६१७ रुपए की राहत राशि स्वीकृत की गई थी जिसमें से २ लाख ८० हजार ५६५ किसानों को ५७ करोड़ ४ हजार ५५२ रुपए की राहत राशि प्राप्त हुई है जबकि जिले के १ लाख से अधिक किसान ऐसे हैं जिन्हें स्वीकृत राहत राशि का २११ करोड़ रुपए और प्राप्त २५ फीसदी में से साढ़े १२.६३ करोड़ रुपए की राशि मिलना है। यानि कुल मिलाकर जिले के किसानों का सरकार पर लगभग २२३ करोड़ रुपए बकाया है।
Published on:
08 Nov 2022 04:18 pm
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