
कोरोना कहर : चार लाख हैक्टेयर में फसल पककर तैयार, कटाई को लेकर सामने आ रही हैं मुश्किलें
छतरपुर. कोरोना वायरस के फैलने से चल रहे लॉकडाउन के बीच फसलों की कटाई शुरू हो गई है। लेकिन बारदाना न मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि भारत सरकार ने किसानों की फसल से सम्बंधित दुकानों को छूट दी है, लेकिन छतरपुर का जिला प्रशासन इससे अनजान बना हुआ है। कोरोना से जहां देश ही नहीं पूरा विश्व परेशान है हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे है इससे निपटने के लिए 14 अप्रैल तक के लिए लॉक डाउन किया है। इस दौरान आवश्यक वस्तु की दुकानों का समय निर्धारित किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी फसल की कटाई के लिए छूट दी है। किसान फसलें काट तो रहे हैं लेकिन उनके पास बारदाने (बोरा, बोरी) न होने से खुले में फसलें रखी हैं जिससे नुकसान का पूरा अंदेशा है। छतरपुर की पूर्व विधायक व प्रदेश शासन की पूर्व मंत्री ललिता यादव ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि किसानों को बारदाने मिल सके। इसके लिए सभी नियमों के पालन के साथ ही बारदाना दुकानों को भी खोलने की जिले में अनुमति प्रदान करें, ताकि किसान अपनी फसलों को सुरक्षित कर सकें।
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जिले में होगा डोर टू डोर सर्वे
छतरपुर. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों मे डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा। जिसके अंतर्गत हर क्षेत्र के फील्ड लेवल कार्यकर्ताओ एमपीडब्ल्यू, एएनएम, एमपीएस, आशा कार्यकर्ता, आशा सहयोगनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, शिक्षक आदि द्वारा डोर टू डोर जाकर संपूर्ण जिले मे सर्वे का कार्य करेंगे। सर्वे के दौरान किसी में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने पर एसआरटी अथवा मोबाइल यूनिट बुलाकर उनका परीक्षण किया जाएगा। इसी के साथ फील्ड लेवल कार्यकर्ताओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए उन्हें ग्लव्स, मास्क एवं सैनेटाइजर पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध कराएं जाएंगे। सर्वे का मुख्या उद्देस्य जिले मे कोरोना वायरस के संक्रमण को पूर्णत: खत्म करना है ।
Published on:
07 Apr 2020 01:28 pm
बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
