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बूंदाबांदी से चिंतित हुए किसान, अधपकी फसल पर चलवा रहे हार्वेस्टर

सुबह से हुई विभिन्न स्थानों पर बूंदाबांदी से चिंतित हुए किसान, अधपकी फसल पर चलवा रहे हार्वेस्टर

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छतरपुर. दो-तीन दिन से उमड़-घुमड़ रहे बादल सुबह को बारिश में बदल गए। हवा के साथ आई हल्की बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी। वहीं खेतों में खड़ी फसल पर बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। दिन भर से बारिश की आशंका के चलते जहां किसान गेहूं की बिना पकी फसल में ही हार्वेस्टर चलवाने को मजबूर हैं। वहीं हार्वेस्टर मालिकों ने भी 1५00 से 1७00 रुपए टैंक तक किराया ले रहे हैं। इससे परेशान किसान हार्वेस्टर के लिए इधर-उधर भागते हुए नजर आ रहे हैं।
गढ़ीमलहरा निवासी किसान संताष चौरसिया ने बताया कि उन्होंने बारिश की आशंका के चलते गेहूं की बिना सूखी फसल में हार्वेस्टर चलवा दिया। गेहूं की उनकी फसल बीच-बीच में सही से सूख नहीं थी। कहा कि अगर बारिश हो गई तो और अधिक नुकसान हो जाएगा। वहीं जिले में गुरुवार को शाम और शनिवार को सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी ने से किसान डरे हुए हैं और ऐसे में कई किसान हार्वेस्टर चलवाने में कामयाब हो गए हैं, लेकिन जिनको हार्वेस्टर नहीं मिल पाया है, वह खासे परेशान नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने आगामी 2१ मार्च तक क्षेत्र में आंधी के साथ ओले और बारिश की आशंका जताई है।

इमलिया गांव में मटर की फसल की हो गई कटाई
हरपालपुर क्षेत्र के इमलिया गांव में मटर की फसल की हार्वेस्टर से कटराई कराई गई है।गांव में बडी संख्या में किसानों से मटर बोई थी लेकिन मौसम खराब होने से कुछ स्थानों में हरी होने के बाद भी फसल कटा ली है। यहां के किसान मोतीलाल, किशना कुशवाहा ने बताया कि अब गेहूं की फसल के लिए किसान पूरी तरह से तैयार हैं लेकिन हार्वेस्टर नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसान चिंतित हैं। बताया कि हार्वेस्टर का रेट क्षेत्र में 1५00 से 1७00 रुपए एकड़ लिया जा रहा है।

पहले हो चुका है नुकसान
समूचे क्षेत्र में किसान गेहूं की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं, माना जाता हैं कि गेहूं की पैदावार के लिए यहां की जमीन उपजाऊ हैं। इसलिए हजारों एकड़ में गेहूं फसल बोई गई। पिछले दिनों हुई बेमौसम बरसात से पहले ही फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। अब समय से कटाई नहीं होने से फसल को और नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसे लेकर किसान खासे परेशान हैं।