
गिरफ्तारी के लिए दबिश देती पुलिस
शहर के श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले व्यापारी राजेश अग्रवाल की आत्महत्या के मामले में ओरछा रोड थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहित उर्फ छोटू पटैरिया सहित 6 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही सभी आरोपी अपने ठिकानों से फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
व्यापारी राजेश अग्रवाल द्वारा सल्फास खाकर आत्महत्या किए जाने के मामले को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। ओरछा रोड थाना पुलिस ने सुसाइड नोट में दर्ज नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 61(2) (आपराधिक साजिश) और 351(2) (जान से मारने की धमकी देना) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपियों के संभावित ठिकानों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर की भनक लगते ही सभी छह आरोपी छतरपुर छोड़कर भाग निकले हैं। पुलिस अब उनके मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र के जरिए उन्हें ट्रैक करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस जांच में जिन लोगों को प्रथम दृष्टया आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ित करने का दोषी पाया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं। रोहित उर्फ छोटू पटैरिया (मुख्य आरोपी - जिसने एमसीएक्स में गलत सौदा कर 10 लाख का कर्ज लादा)अनवर खान (कर्जदार - डराने और धमकाने का आरोपी)शरद अग्रवाल (कर्जदार - प्रताड़ित करने का आरोपी)सुरेश नगरिया (कर्जदार - धमकी देने का आरोपी)कल्लू कलई (कर्जदार - मानसिक रूप से परेशान करने का आरोपी)मोनू उर्फ दीपक अग्रवाल (कर्जदार - परिवार को बर्बाद करने की धमकी देने का आरोपी)10 लाख का कर्ज और भीख मंगवाने की धमकी बनी आत्मघाती कदम की वजह
उल्लेखनीय है कि मृतक राजेश अग्रवाल ने कंप्यूटर से किए जाने वाले एमसीएक्स कमोडिटी व्यापार में रोहित पटैरिया की गलत ट्रेडिंग के कारण 10 लाख रुपए का कर्ज हो जाने की बात सुसाइड नोट में लिखी थी। इसके बाद बाकी के पांच आरोपियों द्वारा उन पर पैसे लौटाने का अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा था।
मृतक की मां कृष्णा अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि इन कर्जदारों ने राजेश को धमकी दी थी कि यदि 10 दिन में पैसे नहीं मिले, तो वे उसके बीमार बेटे, मानसिक रूप से अस्वस्थ पत्नी और 90 वर्षीय बुजुर्ग मां को सड़क पर लाकर भीख मंगवाएंगे। इस खौफनाक धमकी और सामाजिक बदनामी के डर से टूट चुके राजेश अग्रवाल ने बंद कमरे में जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी।
जांच अधिकारी उप निरीक्षक दीपक यादव के अनुसार, मृतक राजेश अग्रवाल की जेब से मिले सुसाइड नोट को मुख्य साक्ष्य बनाया गया है। इसके अलावा मृतक के मोबाइल को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। सुसाइड नोट के मुताबिक, राजेश के मोबाइल में इन सभी सटोरियों और कर्जदारों की कॉल रिकॉर्डिंग और व्हाट्सऐप चैट मौजूद हैं, जो इस केस में कोर्ट के सामने पुख्ता सबूत बनेंगे।पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद छतरपुर शहर में चल रहे करोड़ों रुपये के इस अवैध सट्टे और एमसीएक्स के काले कारोबार से जुड़े अन्य बुकीज के नामों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
Published on:
03 Jun 2026 10:33 am
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