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पांच पहाड़ी पत्थर खदान बार-बार ले रही जान, अब तक तीन की मौत

नियम- कानून को दरकिनार कर धड़ल्ले से संचालित हो रही पत्थर खदानजिम्मेदारों ने आंख बंदकर दी अनुमति, अफसर नही कर रहे कार्रवाई

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20 अप्रेल को भी हुई मौत

20 अप्रेल को भी हुई मौत

छतरपुर। जिले में पत्थर उत्खनन के लिए दी गई लीज के संचालन में नियम कानून को दरकिनार किया जा रहा है। गौरीहार तहसील के घटहरी मौजे में पांच पहाड़ी में स्थित खदान में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। सुरक्षा के नियमों का पालन ही नही किया जा रहा है, क्योंकि खदान का पट्टा किसी और के नाम है और उसे किराए पर दूसरा संचालन कर रहा है। इसी वजह से नियम कानून की परवाह किए बिना उत्खनन होने से तीन निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन फिर भी प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।


20 अप्रेल को भी हुई मौत
गौरिहार तहसील के घटहरी पटवारी हल्का मौजा के खसरा क्रमांक 87/1 व 87/2 में संचालित पांच पहाड़ी पत्थर खदान मौत का कुआं बन गई है। अभी तक तीन लोगों की जान लेने वाली पत्थर खदान कबरई निवासी रोहित तिवारी, उपेंद्र शुक्ला व इंतियाज अली के नाम पर आवंटित है। घटहरी से बदौराकला मुख्य मार्ग से मात्र 50 मीटर की दूरी पर संचालित खदान में बीते 20 अप्रेल बोर की ब्लास्टिंग के दौरान लल्लू पिता चुनवाद प्रजापति निवासी स्योहार बम्होरी थाना चरखारी की मौत हो गई, वही इस घटना में 3 अन्य घायल हो गए। इसके पहले 11 अगस्त 2021 को खदान में ब्लास्टिंग के दौरान अखलेश पिता बद्री राजपूत निवासी पैगम्बरपुर जिला बांदा की घटना स्थल पर मौत हो गई थी, इसके अलावा ब्लास्टिंग की एक अन्य घटना में भी एक मजदूर की जान जा चुकी है।

खनिज विभाग व सिया बोर्ड ने भी नहीं देखे नियम
मुख्य सड़क मार्ग से सटी पांच पहाड़ी में पत्थर खदान के संचालन के लिए खनिज विभाग व सिया बोर्ड भोपाल ने सारे नियम -कानून तक पर रखकर संचालित करने की अनुमति दे दी। सड़क से कम से कम 200 मीटर दूर खदान होना चाहिए, लेकिन सड़क किनारे ही खदान की लीज दे दी गई। बेजा उत्खनन से खदान मौत के कुएं जैसी नजर आने लगी है। खदान को देखकर ही साफ नजर आ जाता है कि खदान से पत्थर निकालने में नियम कानून की परवाह नहीं की गई है।


बिना परमीशन गहराई तक खुदाई व ब्लास्टिंग
पत्थर खदान में 6 फीट या इससे अधिक गहराई के लिए खोदे जाने वाले पहाड़ो में डीजीएमएस की परमीशन आवश्यक रहती है लेकिन पांच पहाड़ी में कोई भी डीजीएमएस की परमीशन नही ली गई। पांच पहाड़ी के खदान पट्टेधारी रोहित तिवारी, उपेंद्र शुक्ला व इंतियाज अली ने उक्त पत्थर खदान स्वयं संचालित न कर महोबा निवासी रामू शिवहरे, जीतेन्द्र यादव सहित अन्य लोगो को संचालन के लिए प्रतिवर्ष करीब ढाई करोड़ में दी है। इसलिए खदान से सिर्फ पत्थरो का बेजा दोहन हो रहा है। घटनाएं रोकने संचालको द्वारा कोई कदम नही उठाए जा रहे है। न ही प्रशासन नियम कायदों का पालन करा रहा है।


अधिकारी बोले
पांच पहाड़ी में 20 अप्रेल की घटना के बाद काम बंद करा दिया गया है। घटना के संबंध में जांच की जा रही है। जांच के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
राकेश परमार, एसडीएम लवकुशनगर