19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुडेहरा में तैयार हुआ फ्रूट पार्क, 15 एकड़ में लगाए 6 हज़ार पौधे

छतरपुर के पार्क में आए फल, तालाबों का जल स्तर भी बढ़ रहा

2 min read
Google source verification
 फ्रूट पार्क के पौधों में आए फल

फ्रूट पार्क के पौधों में आए फल


छतरपुर. प्रकृति को सहेजने और भू-जल का स्तर बढ़ाने को लेकर कलक्टर की पहल पर मुड़ेहरा में तालाब समेत एक और फ्रूट पार्क तैयार हो गया है। मियावाकी की पद्धति से पौधे रोपण होने से अमरूद में 9 माह में फल आने लगे हैं। कलक्टर संदीप जीआर ने मुड़ेहरा में 15 एकड़ सरकारी जमीन पर 6 हजार फलदार पौधे का रोपण कराया था। अब इन पौधे के आकार लेने से मुड़ेहरा में फ्रूट पार्क के साथ एक पिकनिक स्पॉट भी विकसित हो गया है।

95 फीसदी पौधे जीवित
लवकुशनगर के मुडेहरा में आम, अमरूद और आंवला के पौधे तेजी से विकसित हुए है। बुंदेलखंड की जलवायु को ध्यान में रखकर पौधे रोपण किए जाने के कारण 95 फीसदी से अधिक जीवित होने की जानकारी सामने आई है। बताया जाता है कि कलक्टर के द्वारा फूट फॉरेस्ट में कटहल, सीताफल, कटहल समेत कई फलदार पौधों का रोपण कराया था।

पानी का जलस्तर भी बढ़ा
वाटर रिचार्ज को लेकर मार्च में विकसित किए गए तालाब के लबालब पानी से भरे होने के कारण फूट पार्क की सुंदरता पर चार चांद लग गए है। बताया जाता है कि फूट फॉरेस्ट में रोपे गए पैथे के विकसित होने पूरा क्षेत्र हरियाली से ढंक गया हैं। इसके चलते लोग तालाब और फूट फॉरेस्ट में प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने यहां पहुंचने लगे हैं।


आर्गेनिक फ्रूट से मिलेगा रोजगार
जिला प्रशासन ने छतरपुर के फ्रूट पार्क में आर्गेनिक फ्रू ट तैयार करने की योजना बनाई है। इन फ्रूट पार्क से स्वसहायता समूहों को जोड़ा जा रहा है, ताकि वे स्टार्टअप शुरु कर सके। इसके लिए फूड प्रोसेसिंग कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है। जो जैम, पिकल के प्रोडक्शन को बढ़ावा देकर जिले में रोजगार के अवसर बढ़ाएंगी। इसके साथ ही ड्राई फ्रूट भी तैयार किया जाएगा। इतना ही नहीं सरकारी जमीन पर तैयार फ्रूट फारेस्ट के उत्पाद के जरिए रोजगार मिलने के साथ ही खाद्य सुरक्षा की गारंटी भी बढेगी। फ्रूट फारेस्ट के कटहल, आम जरूरतमंद के लिए भोजन बनेगा।

पूरे जिले में तालाब किनारे फलदार पौधे लगाकर फ्रूट पार्क कर रहे तैयार
जिला प्रशासन ने छतरपुर, बड़ामलहरा, बकस्वाहा, लवकुशनगर इलाके के तालाबों से अतिक्रमण हटाकर उनके किनारे 50 हजार फलदार पौधे लगाए हैं। इस साल प्रशासन इन पौधों की संख्या 1 लाख करने जा रहा है। प्रशासन की इस पहल में सबसे खास बात ये है कि पौधा रोपण के बाद पौधे की सुरक्षा, सिंचाई व देखभाल का इंतजाम किया गया है। एक ही कैंपस में मौजूद पौधों को ड्रिप एरीगेशन पैटर्न से सिंचाई की व्यवस्था की गई है। इस प्रयास में सडक़ किनारे होने वाले प्लांटेशन की तुलना में पौधों के जीवत रहने की दर बेहतर है। इन पौधों की सुरक्षा के लिए चौकीदार की व्यवस्था भी की गई है।