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Gabbar:किसने और क्यों कहा, अभी एक गब्बर पकड़ा, तानाशही नहीं रुकी तो हर घर से निकलेगा गब्बर

पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ फायरिंग की धाराएं बढ़ाने के विरोध में शहर के चौक बाजा

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Gabbar is back returns latest updates news in hindi

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छतरपुर. गब्बर इज बैक ... लिखकर डॉक्टरों के घरों में पर्चे फेंकने के मामले में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ फायरिंग की धाराएं बढ़ाने के विरोध में शहर के चौक बाजार में विभिन्न संगठनों लोगों ने जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। सूचना पर पहुंचे सीएसपी ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद लोग नारेबाजी करते हुए कोतवाली पहुंचे। पुलिस जब आरोपियों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची तो इससे पहले ही लोग जिला अस्पताल पहुंच कर नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा है। जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह ११ बजे शहर के चौक बाजार में विभिन्न संगठन के कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इसके बाद बीच बाजार में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू करते हुए जाम लगा दिया। इस दौरान लोगों ने करीब आधा घंटे तक जाम लगाए रखा। जिससे वालनों के पहिए थम गए। इसकी सूचना मिलते ही सीएसपी राकेश शंखवार व सिटी कोतवाली प्रभारी केके खनेजा मौके पर पहुंचे। तब जाम लगाए लोगों ने कहा कि गब्बर इज बैक के मामले में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ झूठे कट्टे का केस लगाया जा रहा है। तब सीएसपी समझाइश देते हुए कहा कि कट्टे का केस नहीं लगाया जा रहा है। जिसके बाद जाम खुल सका।
जाम खुलने के बाद भीड़ नारेबाजी करती रही कि तुम कितने गब्बर पकड़ोगे। हर घर से गब्बर निकलेगा। भीड़ नारेबाजी करते हुए कोतवाली पहुंची। इस दौरान एसडीएम रविंद्र चौकसे व तहसीलदार आलोक वर्मा कोतवाली पहुंचे। इसके बाद पुलिस आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंची लेकिन इससे पहले ही कुछ लोग वहां पहुंच गए थे। इस दौरान अस्पताल परिसर में डॉक्टरों के खिलाफ डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद जब पुलिस आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए जा रही थी तब भी भीड़ में शामिल कुछ लोग अदालत परिसर के बाहर सड़क तक पहुंचे।

क्या है मामला
डॉक्टरों के घरों में १९ दिसंबर की रात पथराव कर धमकी भरा पत्र फेंके थे। डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में बैठक कर कोतवाली में आवेदन दिया था। आवेदन में डॉ. वीपी शेषा, डॉ. संजना रॉविंसन, डॉ. अंकुर खरे आदि ने कहा था कि १९ दिसंबर की रात दस से ११ बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति के द्वारा जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों के घरों में पथराव कर धमकी भरे पत्र भेजे गए। उसके बाद अज्ञात व्यक्ति के द्वारा डॉ. आशीष चौरसिया के घर पर उनके नौकर को धमकी भरा पत्र दिया गया एवं हवाई फायर किया गया। भेजे गए पत्र में लिखा है कि गब्बर इन बैक...। तब पुलिस ने दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में अंकित विश्वकर्मा पिता कहैलालाल निवासी घुसियाना मोहल्ला व राहुल अग्रवाल पिता रमेश अग्रवाल निवासी बकायन खिड़की को गिरफ्तार किया था।