
1.15 करोड़ की राशि जमा हुई
छतरपुर। शहर के रावत बर्तन भंडार ग्रुप की 8 फर्मो की 9 दिनों तक चली जीएसटी जांच पूरी हो गई है। ग्रुप से जीएसटी और पेनल्टी के रुप में 3 करोड़ रुपए का राजस्व वसूली का डीएसटी एंटीजन ब्यूरो ने डिमांग जोरी की है, जिसमें से कारोबारी ग्रुप ने 1 करोड़ 15 लाख रुपए जमा करा दिए हैं। 4 निर्माण और 4 ट्रेडिंग फर्मो के जरिए रावत बर्तन ग्रुप छतरपुर समेत आसपास के जिलों में स्टील, कांसा और पीलत के बर्तन का कारोबार करते हैं। जीेसटी चोरी की शिकायत पर सतना एंटीजन ब्यूरो की 40 सदस्यीय टीम 9 दिनों से सभी फर्मो के स्टाक, दस्तावेज की जांच कर रही थी। ज्वाइंट कमिश्नर गणेश कांवरकर की अगुवाई में चार दिन पहले 6 फर्मो की जांच पूरी हो गई थी, शेष रह गई दो फर्मो की जांच भी अब पूरी हो गई है।
इन फर्मो ने जमा कराए रुपए
रावत बर्तन भंडार के नाम से प्रसिद्ध ग्रुप ने जीएसटी की जांच पूरी होने के पहले जय भवानी इंडस्ट्रीज के स्टॉक में अनियमितता के आधार पर प्रारंभिक रुप से 51 लाख 64 हजार रुपए जमा कराए थे। वहीं, जांच पूरी होने पर मां बघराजन मेटल पर 25 लाख 6 हजार, वरुण इंडस्ट्रीज पर ३लाख 31 हजार, अवनी इंटरप्राइजेज पर 7 लाख 5 हजार, हाजारी लाल नारायणदास पर 13 लाख 5 हजार, रावत बर्तन भंडार पर 1 लाख 67 हजार, श्री एसआर इंटरप्राइजेज पर 5 लाख 57 हजार और हजारी लाल लक्ष्मीप्रसाद पर 8 लाख 34 हजार रुपए जमा कराए हैं।
एंटीजन ब्यूरो कई दिन से रख रहा था नजर
ज्वाइंट कमिश्नर एंटीजन ब्यूरो सतना गणेश कांवरकर ने बताया कि वाहन जांच के दौरान बिना बिल या ई-वे बिल के वाहन पकड़ा गया। टीम ने जांच की तो पता चला कि कारोबारी ग्रुप कच्चे बिल पर माल का क्रय विक्रय कर रहा है। जीएसटी रिटर्न और वास्तिविक आउटपुट का एनालेसिस करने पर टैक्स चोरी की पुष्टि हुई। इसके सत्यापन के लिए टीम ने गोपनीय तरीके से खरीदी की। जिसकी रिपोर्ट मुख्यालय को दी गई, जिसके बाद मुख्यालय ने सर्च और सीज की कार्रवाई के निर्देश दिए। जिस पर 15 दिसंबर को 8 बर्तन निर्माता व विक्रेता फर्मो पर जांच शुरु की गई। सभी आठ फर्मो ने स्टॉक अनियमितता के एवज में 1 करोड़ 15 लाख 69 हजार रुपए
जमा कराए हैं। वहीं, 1 करोड़ 63 लाख 77 हजार रुपए जमा कराया जाना शेष है।
Published on:
25 Dec 2021 06:00 am
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