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शहर में आज 200 स्थानों पर जलेगी होलिका, गली मोहल्ले से लेकर प्रमुख स्थानों पर सजी होलिका

लोकनाथ पुरम, चौबे कॉलोनी, नरसिंहगढ़ पुरवा, शांतिनगर, पठापुर रोड, सीताराम कॉलोनी, महोबा रोड, राधिका गार्डन, गणेश कॉलोनी, दुर्गा लक्ष्मी पुरम, महलन, गल्लामंड़ी, हटवारा, नारायणपुरा रोड, बजरंग नगर, सटई रोड सहित सभी वार्डों में करीब 200 स्थानों में होलिका दहन की तैयारी की गई है

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नरसिंहगढ़ पुरवा दहन के लिए तैयार की जा रही होलिका

जिले में गुरुवार को होलिका दहन किया जाएगा। शहर के चौराहे सहित मौहल्लों के सार्वजनिक स्थानों पर करीब 200 जगह होलिका दहन किया जाएगा। मुहूर्त के अनुसार लोगों ने पूजा अर्चना, परिक्रमा करने के साथ ही होलिका दहन की तैयारी की गई है। शहर के लोकनाथ पुरम, चौबे कॉलोनी, नरसिंहगढ़ पुरवा, शांतिनगर, पठापुर रोड, सीताराम कॉलोनी, महोबा रोड, राधिका गार्डन, गणेश कॉलोनी, दुर्गा लक्ष्मी पुरम, महलन, गल्लामंड़ी, हटवारा, नारायणपुरा रोड, बजरंग नगर, सटई रोड सहित सभी वार्डों में करीब 200 स्थानों में होलिका दहन की तैयारी की गई है।

14 मार्च को खेली जाएगी होली


इस वर्ष होलिका दहन 1& मार्च, गुरुवार को किया जाएगा और इसके अगले दिन, यानी 14 मार्च को रंगों वाली होली खेले जाने की परंपरा है। हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है, जिसे छोटी होली भी कहा जाता है। इस दिन को बुराई पर अ‘छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है, और इसे बड़े धूमधाम से मनाने के लिए लोग खास इंतजार करते हैं। इस साल होलिका दहन के दिन, यानि 1& मार्च को सुबह 10 बजकर &5 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 26 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा, जो शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन के लिए अशुभ माना जाता है। भद्रा काल में होलिका दहन नहीं किया जाता है, और इस वजह से लोगों के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालांकि, इस विशेष स्थिति में कई ’योतिषी और पंडित सलाह दे रहे हैं कि भद्रा के बाद ही होलिका दहन करना चाहिए, जिससे यह शुभ और फलदायक हो सके। इस हिसाब से रात 11.26 से 12.&0 बजे तक शुभ मुहूर्त है।

होलिका दहन का महत्व


होलिका दहन का पर्व बुराई पर अ‘छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन को सही विधि और नियमों के साथ मनाने से न केवल सभी परेशानियों और चिंताओं का नाश होता है, बल्कि घर में सुख-शांति का वास भी होता है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व है, जिससे मानसिक शांति मिलती है और धन धान्य की कभी कमी नहीं होती है।

बाजार में जगह-जगह बिक रहा रंग, गुलाल व पिचकारी


त्योहार को लेकर जिलेभर में तैयारियां की गई है। खासकर युवा वर्ग को होली को यादगार बनाने की तैयारी में जुटे हैं। रंगों के त्योहार होली को लेकर बाजारों में दुकानें सजी हुई हंै। इस बार बाजार में खास होली से संबंधित सामानों की अधिकतर देशी दिख रहे है। रंग बिरंगी टोपी से लेकर पिस्तोल पिचकारी सभी कुछ देशी उपलब्ध है। किराना दुकानदारों की मानें तो होली पर मेवा की बिक्री भी अधिक होती है। वहीं लोगों ने त्योहार को न लेकर रंग गुलाल की जमकर खरीदारी की है।

पुलिस भी हुई अलर्ट


जिले में होली के त्योहार के दौरान कहीं पर भी घटनाओं, हुड़दंग, शराबखोरी, नशाखोरी आदि पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अलर्ट हो गई है और शहर के विभिन्न इलाकों में चैकिंग, गस्ती की जा रही है। इस दौरान पुलिस द्वारा लोगों को शांति और सद्भाव के साथ त्योहार मनाने की अपील की गइ है।