
If the husband refused, the 9-month-old daughter was hanged on the left hand
नौगांव . भले ही प्रदेश में बेटी बचाओ- बेटी पढाओ अभियान चलाया जा रहा है, बेटी को बेटे के समान दर्जा देने की बात कही जाती है। लेकिन आज एक बेटी ने फांसी लगाकर इसलिये अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली, क्योंकि ससुराल पक्ष से प्रताडना तो मिल ही रही थी लेकिन मायके पक्ष ने भी परेशान करना शुरू कर दिया था। जानकारी के अनुसार थाना नौगांव के अंतर्गत ग्राम पुतरया हाल निवास पुष्पेन्द्र सिंह का मकान नौगांव संतोष कुमार गुप्ता की पुत्री रश्मि की शादी वर्ष 2014 में पलेरा निवासी भुमानीदीन गुप्ता के पुत्र रोशन गुप्ता के साथ हुई थी। शादी के बाद जब रश्मि गुप्ता दूसरी विदा में अपनी ससुराल पहुंची तो उसके ससुराल पक्ष का रवैया बदल गया और उसे परेशान किया जाने लगा।
रश्मि अपने पिता के घर मायके नौगांव में आकर रहने लगी। उसकी नौ माह की एक मासूम बच्ची है, लेकिन चर्चाओं के अनुसार मायके पक्ष के लोग भी उसे परेशान करने लगे। उसका जतारा और टीकमगढ के न्यायालय में ससुराल पक्ष से मामला भी चल रहा था। न्यायालय के आदेश पर सुसराल पक्ष ने एक माह तक उसे ठीक ठाक रखा, लेकिन एक माह बाद उसे भगा दिया गया। तब से ही वह मायके में रह रही थी और वह अब कुछ दिनों से मायके पक्ष के लिए भी वह बोझ बन गई थी। जिसे वह सहन नहीं कर सकी। उसने अपनी नौ माह की मासूम बच्ची को छोड़कर दोपहर 1 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
रश्मि ने दीवार में लगे कीला से मफलर बांधा और गले में फंदा लगा लिया। घटना के परिजन घर से बाहर थे। जैसे ही परिजनों ने रश्मि को फंासी पर लटका हुआ देखा तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर नायब तहसीलदार सपना तिवारी डायल 100 तथा थाना पुलिस मौके पर पहुुंची और फांसी के फंदे से शव उतारकर पंचनामा तैयार किया तथा पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है।
Published on:
06 Feb 2019 11:14 am
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