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संयुक्त टीम की जांच में अनगौर में मिला अवैध क्रशर प्लांट, सील

कनेक्शन काटने के लिए बिजली कंपनी को लिखा पत्र, कार्रवाई के लिए कलेक्टर को सौंपी संयुक्त जांच रिपोर्ट

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अनुबंध शर्तो का हो रहा था उल्लंघन

अनुबंध शर्तो का हो रहा था उल्लंघन

छतरपुर। जिले के अनगौर में संयुक्त टीम की जांच में अवैध क्रशर प्लांट संचालित होने का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया है कि लीज की अनुमति किसी और के नाम पर है और प्लांट का संचालन कोई और कर रहा है। वह भी उत्खनन पट्टा की अवधि समाप्त होने के बाद संचालित है। नियमों को दरकिनार कर चलाए जा रहे क्रशर प्लांट को खनिज समेत अन्य विभाग की संयुक्त टीम ने सील कर दिया है। प्लांट के बिजली कनेक्शन को काटने के लिए बिजली कंपनी के डीइ को पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही सख्त कार्रवाई के लिए कलेक्टर को प्रतिवेदन भी भेजा है।

अनुबंध शर्तो का हो रहा था उल्लंघन
संयुक्त टीम की जांच में पता चला कि अनुबंध शर्तो को ताक पर रखकर क्रशर प्लांट चलाया जा रहा था। क्रशर प्लांट की लीज भूमि खसरा नंबर 756/९ रकवा 0.404 हेक्टेयर में उत्खनन, भंडारण किया जा रहा था। जबकि क्रेशन के संचालन के लिए भूमि खसरा नंबर 755 के लिए खनिज विभाग की स्वीकृति जारी हुई थी। उत्खनन की लीज नीलम मनया पत्नी अशोक मनया निवासी अनगौर के नाम पर है। लेकिन अजुद्दी पिता हिरवा अहिरवार की जमीन में क्रेशर प्लांट का संचालन हो रहा है। इसी जमीन पर भंडारण भी किया गया। वर्ष 2020 में लीज अवधि समाप्त हो जाने के बाद लीज का रिन्यूअल नहीं कराया गया न दूसरे व्यक्ति के नाम पर हस्तांतरण का आवेदन या दस्तावेज विभाग को दिए गए। पर्यावरण क्लीयरेंस भी नहीं लिया गया है।


सुरक्षा भी दरकिनार
संयुक्त टीम की जांच में खदान की सरहद सुरक्षित नहीं पाई गई। नियमानुसार स्वीकृत क्षेत्र की फेंसिंग कराई जाती है, लेकिन यहां फेंसिंग भी नहीं कराई गई है। न ही मनारे स्थापित किए गए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर टीम ने मध्यप्रदेश गौण खनिज अधिनयम के तहत पंचनामा तैयार कर प्लांट को सील कर दिया है। टीम नें 20 एमएम साइज की 140 घनमीटर, 10 एमएम की 110 घनमीटर और 6 एमएम की 120 घनमीटर गिट्टी भी जब्त की है। वहीं कार्रवाई के लिए जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा है।

इनका कहना है
अवैध रुप से दूसरे स्थान पर क्रशर संचालित होना पाया गया है। उत्खनन पट्टा की लीज अवधि भी समाप्त हो गई है। प्रतिवेदन तैयार कर प्लांट व खदान को सील किया गया है। पर्यावरण अनुमति के बगैर संचालन की रिर्पोट भी बनाई गई है।
अशोक द्विवेदी, खनिज निरीक्षक