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दो चरणों में लागू होगा खजुराहो एयरपोर्ट का मास्टर प्लान 2047, मौजूदा सुविधाओं का होगा विस्तार, नई भी मिलेंगी

अब एयरपोर्ट की न केवल यात्री क्षमता 600 से बढकऱ 1200 हो जाएगी। बल्कि कार्गो पार्किंग की क्षमता भी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही विमानों की मरम्मत के दो स्टेशन भी बनाए जाएंगे।

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khajuraho airport

खजुराहो एयरपोर्ट टर्मिनल

छतरपुर. यूनेस्को धरोहर खजुराहो के मंदिरों के एयरपोर्ट की अब तस्वीर बदल जाएगी। खजुराहो एयरपोर्ट के विस्तार का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। मास्टर प्लान 2047 के तहत एयरपोर्ट पर कई अन्य नई सुविधाएं जुटाई जाएंगी। वहीं, मौजूदा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। ये सारे काम दो चरणों में किए जाएंगे। जिसमें समय लगेगा, लेकिन इन सुविधाओं के विस्तार से खजुराहो एयरपोर्ट का स्तर और समृद्ध हो जाएगा।

ये सुविधाएं देने की है योजना


अब एयरपोर्ट की न केवल यात्री क्षमता 600 से बढकऱ 1200 हो जाएगी। बल्कि कार्गो पार्किंग की क्षमता भी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही विमानों की मरम्मत के दो स्टेशन भी बनाए जाएंगे। पहले चरण में विमान मरम्मत के लिए 2 मेंटेनेंस रिपेयरिंग एंड ओवर हॉलिंग सेंटर बनाया जाएगा। जिससे एयर लाइंस के भारतीय हवाई जहाजों को बड़ी मरम्मत या रिपेयर के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा। वहीं पार्किंग बेस भी बढ़ाए जाएंगे। फेज 2 में कार्गो स्टेशन के साथ पार्किंग बेस को बढ़ाया जाएगा। इससे प्रदेश से दिल्ली, मुंबई सहित कहीं भी सामान को सीधे लाना ले जाना संभव हो सकेगा। वहीं रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यही नहीं मास्टर प्लान के तहत खजुराहो एयरपोर्ट में एक और टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में खजुराहो एयरपोर्ट में जहां पैसेंजर मूवमेंट कैपेसिटी 600 है, जो बढकऱ 1200 हो जाएगी। वहीं एयरपोर्ट को एक्सपेंशन कर पार्किंग बेस भी बनाया जाएगा, जो वर्तमान में 9 है, जिसकी संख्या बढ़ाकर 20 की जाएगी।

्अभी है 600 यात्रियों का टर्मिनल


वर्ष 2007 में एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य 91 करोड़ की लागत से किया गया था। लगभग 8 वर्षों तक चले निर्माण कार्य के बाद वर्ष 2016 में नई टर्मिनल बिल्डिंग तैयार हो गई। इस नई बिल्डिंग में एक समय पर 600 यात्रियों को नियंत्रित करने की क्षमता है। दो-दो एयरोब्रिज आधुनिक एस्कलेटर के साथ अपना कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भी आधुनिक राडार के साथ संचालित किया जा रहा है। नए एटीसी के कारण अब एयरपोर्ट की पूरी दुनियां के एयर ट्रैफिक के साथ रियल टाइम कनेक्टिविटी है।

एयरपोर्ट रनवे का भी होना है विस्तार


टिकरी का पहाड़ी कट जाने और शेष रनवे के निर्माण के बाद जहाज दोनों छोर से उडऩा शुरू हो जाएंगे। ऐसा होने के बाद खजुराहो एयरपोर्ट का पूरा विस्तार हो जाएगा। अभी खजुराहो एयरपोर्ट का रनवे 2 हजार 274 मीटर लंबा बनकर तैयार है। इसी रनवे पर विमानों का संचालन किया जा रहा है। अभी विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ एक ही दिशा में की जा रही है। एयरपोर्ट का 1500 मीटर तक अतिरिक्त विस्तार कर दिया जाएगा। खजुराहो एयरपोर्ट का टर्मिऩल इंटरनेशनल लेवल का बना है, पर रनवे के विस्तार और पहाड़ी को हटाने का काम अभी शेष है, क्योंकि रनवे के एक ओर टिकरी गांव की पहाड़ी है। पहाड़ी होने के कारण अभी सिर्फ एक ओर से ही विमानों की लैंडिंग हो पाती है।

इनका कहना है


एयरपोर्ट का मास्टर प्लान बनाया गया है। अत्याधुनिक मल्टी मॉडल कार्गो स्टेशन, मेंटेनेंस रिपेयरिंग एंड ओवर हॉलिंग सेंटर समेत कई अन्य कार्य दो चरणों में कराए जाएंगे। पंचवर्षीय हिसाब से अलग-अलग काम के लिए समय तय किया गया है।
संतोष सिंह, निदेशक, एयरपोर्ट