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खनिज संपदा की लूट पर प्रहार, 15 दिन में 21 केस बनाए, 77 लाख रुपए का जुर्माना, अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर बनाए केस

महज दो सप्ताह के भीतर विभाग ने 21 अलग-अलग प्रकरण तैयार किए हैं, जिनमें कुल 77.69 लाख रुपए की क्षति का मामला दर्ज किया गया है।

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खनिज कार्यालय

जिले की बेशकीमती खनिज संपदा को अवैध रूप से लूटने वाले माफियाओं पर जिला प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के सख्त तेवरों के बाद खनिज विभाग ने पिछले 15 दिनों में जो कार्रवाई की है, उसने अवैध कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार महज दो सप्ताह के भीतर विभाग ने 21 अलग-अलग प्रकरण तैयार किए हैं, जिनमें कुल 77.69 लाख रुपए की क्षति का मामला दर्ज किया गया है।

कलेक्टर के निर्देश पर एक्शन मोड में टीम

जिले में रेत और अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने माइनिंग टीम को स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बाद माइनिंग के डिप्टी डायरेक्टर अमित मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान न केवल अवैध परिवहन करते वाहन पकड़े गए, बल्कि अवैध भंडारण और उत्खनन के ठिकानों पर भी दबिश दी गई। कलेक्टर ने अब इन सभी मामलों में शामिल माफियाओं को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।

कार्रवाई का गणित- परिवहन और भंडारण पर सबसे ज्यादा चोट

खनिज विभाग की इस 15 दिवसीय रिपोर्ट में सबसे अधिक मामले अवैध परिवहन के सामने आए हैं। प्रभारी खनिज अधिकारी ज्ञानेश्वर तिवारी इंस्पेक्टर प्रभा शर्मा और मुनेन्द्र सिंह की टीम ने अपनी जांच में निम्नलिखित आंकड़े दर्ज किए हैं।

अवैध परिवहन- 11 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें ओवरलोडिंग और बिना रॉयल्टी के वाहन शामिल थे।

अवैध उत्खनन- 07 प्रकरणों में सीधे तौर पर अवैध माइनिंग पकड़ी गई।

अवैध भंडारण- 03 बड़े मामलों में बिना अनुमति के खनिज जमा करने पर कार्रवाई हुई।

जुर्माने की वसूली और माफियाओं में खौफ

प्रशासन की इस सक्रियता का असर यह हुआ कि दर्ज 21 प्रकरणों में से 4 का निराकरण भी हो चुका है। इन प्रकरणों के माध्यम से विभाग ने अब तक 12.24 लाख रुपए की जुर्माना राशि सरकारी खजाने में जमा करवा ली है। शेष 17 मामलों में कलेक्टर न्यायालय की प्रक्रिया जारी है, जिसमें दोषियों पर और भी भारी जुर्माना लगाया जाना तय है। इस कार्रवाई के बाद से जिले के रेत माफियाओं और डंपर संचालकों में हडक़ंप का माहौल है। माइनिंग विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी इसी तरह की आकस्मिक जांच और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

कागजों से निकलकर धरातल पर दिखा असर

लंबे समय बाद छतरपुर में खनिज विभाग इतने आक्रामक रूप में नजर आया है। 15 दिनों में 77 लाख से अधिक का केस दर्ज होना यह साबित करता है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो तो सरकारी संपदा की लूट रोकी जा सकती है। अब उम्मीद है कि जुर्माना वसूलने के साथ-साथ इन माफियाओं के राजनीतिक और आर्थिक नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।

खनिज के अवैध परिवहन पर 25 पर लगाया जुर्माना

जिले में खनिज संपदा के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने खनिज विभाग के प्रतिवेदन के आधार पर एक बड़ा निर्णय लेते हुए 25 अनावेदकों पर कुल 16 लाख 08 हजार 793 रुपए की पेनाल्टी अधिरोपित की है। यह बड़ी कार्रवाई रेत, गिट्टी और मुरम के अवैध परिवहन में लिप्त पाए गए ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के विरुद्ध की गई है।

रेत के अवैध परिवहन में इन पर गिरी गाज

खनिज विभाग द्वारा की गई जांच में रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए जमुना प्रसाद यादव पर 30,625 रुपए, कृपाराम यादव पर 32,500 रुपए, रामकृपाल यादव पर 32,500 रुपए और दीपेंद्र यादव पर 30,625 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा महेश यादव पर 57,500 रुपए, देशराज यादव, धीरज यादव, हरिशंकर यादव, लवकेश पटेरिया, राजीव पटेरिया, परशुराम कुशवाहा और दीपेश यादव पर 32,500-32,500 रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है। अरविंद अग्रवाल पर 28,750 रुपए, महेश यादव पर 30,625 रुपए और अवधेश पटेल पर 30,625 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।

गिट्टी और मुरम के परिवहन पर लाखों की पेनाल्टी

गिट्टी के अवैध परिवहन के गंभीर मामलों में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। इसमें रघुवीर यादव पर 1,29,600 रुपए, प्रदीप प्रजापति पर 2,27,000 रुपए, हरिराम अहिरवार पर 1,18,000 रुपए और मोनूराज गोंड पर 2,16,000 रुपए का भारी जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह मुरम के अवैध परिवहन के मामले में संदीप कुशवाहा पर 2,11,250 रुपए, पुष्पेंद्र कुशवाहा पर 72,000 रुपए, अंकित शर्मा पर 56,943 रुपए, योगेन्द्र राजपूत पर 36,000 रुपए, जितेंद्र यादव पर 13,500 रुपए और अखिलेश लोधी पर 27,250 रुपए की पेनाल्टी अधिरोपित की गई है।

अपराध स्वीकारने के बाद अर्थदंड के आदेश

जिला खनिज अधिकारी अमित मिश्रा ने जानकारी दी कि सहायक खनिज अधिकारी द्वारा इन सभी वाहनों को बिना वैध ईटीपी के खनिज परिवहन करते हुए पकड़ा गया था। मध्य प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम के तहत इन पर प्रकरण दर्ज कर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। सुनवाई के दौरान अनावेदकों ने बगैर अनुमति खनिज परिवहन के अपराध को स्वीकार किया, जिसके आधार पर कलेक्टर द्वारा यह पेनाल्टी लगाई गई है।