
मुरसलीम खान छतरपुर। वर्ष २०११ की जनगणना के अनुसार छतरपुर की आबादी १७ लाख ६२ हजार ८५७ है। वर्तमान में छतरपुर जिले की आबादी करीब २४ लाख के पार पहुंच गई है। ऐसे में छतरपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की मांग का मुद्दा गर्माता जा रहा है। शहर में बैसे तो कुछ संगठन पहले से ही आंदोलनरत है लेकिन रविवार को अवकाश के दिन शासकीय शिक्षकों में मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर खून उबाल मार गया। बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने का काम करने वाले यह शिक्षक अब छतरपुर के बेहतर भविष्य के लिए संजीदा हो गए हैं। महिला शिक्षकों अन्य अध्यापकों ने अपने खून से अलग-अलग पत्र खिला और पत्र के मध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी व प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह से छतरपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने जाने की मांग की।
रविवार की दोपहर करीब १२ बजे शासकीय अध्यापक मेडिकल की मांग को लेकर शहर के छत्रसाल चौराहा के पास स्थित शासकीय बीएड कॉलेज के समीप एकत्रित हुए। शिक्षकों ने छतरपुर मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर मंथन की। तब तय हुआ कि शायद खून से पत्र लिखेंगे तो उनकी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का दिल पसीज जाए और छतरपुर में मेडिकल कॉलेज की घोषणा हो। फिर क्या था शिक्षकों ने मेडिकल से सिरिंजें खरीदीं। इसके बाद शिक्षकों ने पैथालॉजी लैब से लैब टेक्निशियन को बुलाकर अपना रक्त निकलवाया। रक्त निकलने के बाद रक्त को कांच की परखनली में रखा गया।
इसके बाद शिक्षकों ने अपने खून से पीएम व सीएम के नाम पत्र लिखना शुरू किया। जब शिक्षक अपने खून से पत्र लिख रहे थे तब वहां से गुजरने वाले लोग हैरतअंगेज रह गए। लोगों ने वहां मौजूद शिक्षकों से एक ही सवाल किया आप खून से ये क्या लिख रहे हैं तो शिक्षकों का जवाब था कि हम छतरपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए अपने खून से पत्र लिख रहे हैं। करीब दो बजे तक पत्र लिखने का यह सिलसिला जारी रहा। आजाद अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष अनुपम त्रिपाठी ने कहा कि आज १४ शिक्षकों ने अपने खून से पत्र लिखे हैं। यदि फिर भी छतरपुर में मेडिकल कॉलेज स्थापना की मांग नहीं मांगी गई तो जिले के सभी शिक्षक एकजुट होकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को अपने खून से पत्र लिखेंगे।
रजिस्ट्री डाक से भेजा जा रहा पत्र
आजाद अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष अनुपम त्रिपाठी ने बताया कि तीन महिला अध्यापक सहित १४ अध्यापकों ने छतरपुर में मेडिकल की मांग को लेकर पत्र लिखे हैं। खून से लिख इन १४ पत्रों को सोमवार को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
ये लिखा पत्र में
मेडिकल की मांग को लेकर शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा। पत्र का विषय छतरपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग है। पत्र में शिक्षकों ने मांग की है कि मेडिकल कॉलेज के लिए छतरपुर जिला सभी अपेक्षाएं पूरी करता है। बुंदेलखंड के पांच जिलों के बीच स्थित छतरपुर जिले के निवासी आप से मेडिकल कॉलेज की विनम्रतापूर्वक मांग करते हैं।
इन्होंने लिखा खून से पत्र
मेडिकल की मांग को आजाद संघ के बैनर तले आजाद अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष अनुपम त्रिपाठी, प्रांतीय सचिव आरबी पटेल, जिल कार्यकारिणी अध्यक्ष जगदीश सोनी, जिला उपाध्यक्ष विनोद दुबे, अनिल शुक्ला, जिला सचिव राकेश दुबे, वीर सिंह यादव, गौरीशंकर विश्वकर्मा, सेवालाल सपेरा, बाबूराम अहिरवार व कैलाश शिवहरे सहित महिला शिक्षक प्रांतीय सचिव रजनी, केबी जैन, जिला उपाध्यक्ष हिमा नायक, गुणवती चौरसिया ने अपने खून पत्र लिखा।
फैक्ट फाइल
२०११ की जनगणना में छतरपुर की जनसंख्या- १७, ६२ ८५७
वर्तमान में छतरपुर जिले की जनसंख्या - २४ लाख
ये जिले छतरपुर पर निर्भर- छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, महोबा व बांदा
Published on:
25 Feb 2018 04:54 pm
बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
