छतरपुर. जिले से निकलने वाले करबई – सागर फोर टू सिक्स लेन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। आचार संहिता खत्म होने के बाद अवॉर्ड पारित होंगे, फिर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। 223.7 किलोमीटर लंबा यह नेशनल हाइवे एमपी-यूपी को जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट पर पिछले पांच साल से काम चल रहा है। फोरलेन सागर से निकलता हुआ बंडा, दलपतपुर, शाहगढ़, मलहरा, गुलगंज, छतरपुर, गढ़ी मलहरा, श्रीनगर और महोबा होकर बनाया जा रहा है।
इकोनॉमिक कॉरीडोर बनेगा
इसमें छतरपुर जिले की चार तहसीलें महाराजपुर, छतरपुर, बिजावर और बड़ा मलहरा के 57 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी अनुमानित लागत 2653 करोड़ आंकी जा रही है। सागर से कानपुर नेशनल हाइवे पहले से ही बना हुआ है, मगर अब इसके समांनातर सागर – कबरई फोरलेन बनाया जा रहा है। इसके बाद इसे सीधे लखनऊ से जोडक़र इकोनॉमिक कॉरीडोर बनाने की योजना है। कबरई से कानपुर और कानपुर से लखनऊ के लिए फोरलेन पहले से बना हुआ है। इकोनॉमिक कॉरीडोर बनने से व्यवासायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
43 किलोमीटर लंबा होगा छतरपुर शहर का बाइपास
कानपुर-सागर फोरलेन प्रोजेक्ट पर छतरपुर शहर से गुजरने वाला बाइपास 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। जो चौका से होकर चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक बनाया जाएगा। इसके लिए 982 करोड़ रुपए की मंजूरी पहले ही मिल गई है। जल्द ही टेंडर भी होंगे। इसके अलावा सागर रोड पर चौका से छतरपुर जिले की सीमा में साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। इस पर 1671 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
छतरपुर से गुजरेगा भोपाल-लखनऊ इकॉनोमिक कॉरिडोर
बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर, सागर नेशनल हाइवे के रूटों से भोपाल और कानपुर महानगर से सडक़ मार्ग से जुड़ा हैं। अब इन दोनों महानगरों को फोरलेन सडक़ से जोड़ा जा रहा है। डीपीआर कुछ इस तरह तैयार की गई है कि भविष्य में इसे छह लेन भी किया जा सके। ये फोरलेन हाइवे छतरपुर से होकर गुजरेगा। कबरई से भोपाल के बीच अलग-अलग सेक्टर में भोपाल-कानपुर हाइवे की डीपीआर तैयार की गई है। प्रस्तावित फोरलेन हाइवे में अंडरपास और एलीवेटेड पुलों का निर्माण 6 लेन के अनुसार होगा, ताकि भविष्य में विस्तार होने पर हाइवे को 6 लेन किया जा सके।
इनका कहना है
फोरलेन का काम तेजी से चल रहा है। जमीन अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया हो चुकी है। आचार संहिता खत्म होने के बाद अवॉर्ड पारित किए जाएंगे। इसके बाद मुआवजा का वितरण किया जाएगा। यह प्रक्रिया होने के बाद निर्माण का काम शुरू होगा।
पीएल चौधरी, प्रोजेक्ट मैनेजर, नेशनल हाइवे अॅथारिटी ऑफ इंडिया