
We will not be able to buy and sell medicines for 5 to 15 days
छतरपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले के 8 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित करने कर दिए हैं। नियमों को पालन नहीं करने पर 5 दिन सेे 15 दिन के लिए लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। जबकि एक मेडिकल स्टोर को कुछ दवाओं की बिक्री के लिए अनिश्चितकालीन समय के लिए प्रतिबंधित किया है। औषधि निरीक्षक देवेन्द्र कुमार जैन ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के प्रावधान अनुसार मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान नियमों और प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर्स संचालकों को औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया था। नोटिस का जवाब समाधानकारक और संतोषकारक नहीं पाए जाने के कारण औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा मेडिकल स्टोर्स के लायसेंस निलंबित करने की कार्यवाही की गई है।
इन मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस हुए निलंबित
राजनगर तहसील के शिवराजपुर रोड चंद्रनगर स्थित मेसर्स हरिहर मेडिकल स्टोर के संचालक इन्द्रजीत दुबे का लाइसेंस 7 दिन के लिए, नौगांव के वार्ड क्रमांक 2, मनसा देवी मंदिर के पास स्थित मेसर्स स्वाति मेडिकल की संचालक रजनी वर्मा का लाइसेंस 12 दिन के लिए, नौगांव के वार्ड क्रमांक 7 शासकीय सिविल अस्पताल के पास स्थित मेसर्स प्रभु कृपा मेडिकल स्टोर के संचालक राजेश दत्त चतुर्वेदी का लाइसेंस 15 दिन के लिए, अलीपुरा के वार्ड क्रमांक 10 मेन मार्केट स्थित मेसर्स मां शारदा मेडिकोज की संचालक अनुराधा गुप्ता का लाइसेंस 5 दिन के लिए, बड़ामलहरा के महाराजगंज चौराहा स्थित मेसर्स उपाध्याय मेडिकल स्टोर के संचालक राजेश उपाध्याय का लाइसेंस 15 दिन के लिए, बड़ामलहरा के वार्ड क्रमांक 11 सागर रोड स्थित मेसर्स पारस मेडिकल स्टोर के संचालक अरविन्द जैन का लाइसेंस 15 दिन के लिए, नौगांव के टीबी अस्पताल के पास इंदिरा मार्केट के दुकान क्रमांक 1 के मेसर्स अंकित मेडिकल स्टोर्स के संचालक विजय कुमार अग्रवाल का लाइसेंस 7 दिन के लिए और हरपालपुर के वार्ड क्रमांक 15 राजपूत कॉलोनी बड़ागांव रोड स्थित परी मेडिकल स्टोर के संचालक शीलेन्द्र कुमार रिछारिया का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित किया गया है। नौगांव के प्रभु कृपा मेडिकल स्टोर का निर्धारित अवधि के लिए लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही कॉम्बीपैक ऑफ माइफप्रिस्टोन एवं मीसोप्रोस्टोल टेबलेट और एल्प्राजोलम युक्त टेबलेट के क्रय-विक्रय की अनुमति भी निरस्त कर दी गई है। निलंबन अवधि में किसी भी प्रकार की औषधियों का क्रय-विक्रय न करने सहित प्रतिष्ठान बंद रखने के निर्देश भी संचालकों को दिए गए हंैं।
निरीक्षण में यह मिली थी कमियां
मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, रिकॉर्ड संधारण में अनियमितता, फिजीशियन सैम्पल की दवाओं का संग्रहण, पशु और मानव उपयोग की दवाओं का एक साथ संग्रहण, स्वीकृत ड्रग लाइसेंस का दुकान में प्रदर्शन नहीं होना और रेफ्रीजिरेटर चालू न रहने जैसी कमियां पाई गई थीं। जिसके बाद इन मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
Published on:
24 Jan 2020 08:32 pm
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