1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लवकुशनगर गुटखा फैक्ट्री का मिक्स सुपारी का लाइसेंस निरस्त, संजयनगर का कैंपस सील

जांच के दौरान 500 से अधिक बोरियों में अवैध तंबाकू का स्टॉक मिला, जो खतरनाक रसायनों से मिलाकर गुटखा तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

2 min read
Google source verification
illegal gutakha

लवकुशनगर गुटखा फैक्ट्री

लवकुशनगर और संजयनगर में संचालित किसान और पटेल गुटखा व तंबाकू की अवैध फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। कलेक्टर ने मिक्स सुपारी के लिए जारी लाइसेंस को निरस्त कर दिया है, जबकि जीएसटी इवेजन ब्यूरो ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री में छापेमारी की। जांच के दौरान 500 से अधिक बोरियों में अवैध तंबाकू का स्टॉक मिला, जो खतरनाक रसायनों से मिलाकर गुटखा तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश

असिस्टेंट कमिश्नर विवेक दुबे ने बताया कि कच्चा माल कहां से आया, इसकी गहन जांच की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। इस मामले में बुधवार को संजयनगर स्थित कैंपस को भी सील कर दिया गया है और उसकी भी जांच की जा रही है। इसके पहले लवकुसनगर कैंपस सील किया गया था। जांच में यह सामने आया कि फैक्ट्री में भारी मात्रा में जर्दायुक्त गुटखा बनाने के लिए तंबाकू और खतरनाक रसायनों का उपयोग किया जा रहा था। दो सौ टंकियों में गीली तंबाकू भी पाई गई, जिससे यह साफ होता है कि गुटखा में गंदे और जहरीले रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच में यह भी पता चला कि गुटखा माफिया का यह कारोबार लवकुशनगर से बाहर, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों तक फैल चुका था। लवकुशनगर के गुड्डू गुप्ता और बालकराम शर्मा ने झांसी के कुलकांत गहोई और रणवीर सिंह के साथ मिलकर केजीआरएस इंटरप्राइजेज नाम से फर्म संचालित की थी।

टैक्स चोरी की जांच की जाएगी

अब इस मामले में टैक्स चोरी की जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, स्टॉक वेरिफिकेशन के बाद सेल और परचेज रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी, जिससे यह पता चलेगा कि माफिया ने कितनी बड़ी जीएसटी चोरी की है और इससे सरकार को कितना नुकसान हुआ है। इस अभियान में सतना जीएसटी इवेजन ब्यूरो की टीम के साथ तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव और जीएसटी निरीक्षक मनीष शर्मा भी शामिल रहे।