19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छतरपुर

मैटरनिटी अस्पताल व क्रिटिकल केयर यूनिट का स्थान तय हुआ,शुरु होगा काम

यूनिट के लिए 26 करोड़, अस्पताल भवन के लिए 7 करोड़ का बजट

Google source verification

छतरपुर. जिला अस्पताल कैंपस में क्रिटिकल केयर यूनिट और महिलाओं के लिए प्रसूती अस्पताल बनाने के लिए स्थान चिंहित कर लिया गया है। कैंपस में प्रसूता अस्पताल के लिए अलग मार्ग देने के लिए रास्ते में पड़ रही दुकानों को हटा भी दिया गया है। पुराना मेल, फीमेल वार्ड और ट्रामा भवन को तोड़कर जमीन खाली करा दी गई है। अब चिंहित स्थल पर प्रसूता अस्पताल व क्रिटिकल केयर यूनिट का काम शुरु होगा।

100 बिस्तर का बनेगा क्रिटिकल केयर यूनिट
जिला अस्पताल में 26 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना की कवायद चल रही है। यूनिट में हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, सर्जरी सहित अन्य बीमारियों के गंभीर मरीजों का इलाज हो सकेगा। जिला अस्पताल कैंपस में स्थापित होने वाली क्रिटिकल यूनिट में 100 बेड होंगे। अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इस यूनिट में एमआरआई, सोनोग्राफी, पोर्टेबल एक्स-रे मशीन सहित अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इसमें डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस, एक्यूट, इंसेफ्लाइटिस, सिंड्रोम, टीबी, कैंसर, हृदय रोग, अल्जाइमर सहित अन्य रोगों का इलाज आसानी से किया जाएगा। जिससे मरीजों को इलाज के लिए झांसी, ग्वालियर नहीं जाना पड़ेगा।

40 हजार वर्गफीट में होना है निर्माण
जिला अस्पताल परिसर में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए कम से कम 15 हजार वर्गफीट जमीन जरूरी है। वहीं प्रसूता अस्पताल के लिए 25 हजार वर्गफीट जमीन की जरूरत है। इन दोनों भवनों का निर्माण पीआइयू को करना है। लेकिन जमीन अभी तक चिंहित नहीं हो पाई है। जिसके चलते टेंडर के बाद भी काम शुरु नहीं हो पा रहा है। जबकि अस्पताल के लिए रास्ता, कैंपस के लिए जगह खाली भी करा ली गई है।

महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था
प्रसूता महिलाओं और नवजात बच्चों के उपचार के लिए एक अलग मैटरनिटी वॉर्ड का निर्माण पीआइयू के माध्यम से साढ़े 7 करोड़ रुपए की लागत से होना है। इस मैटरनिटी वॉर्ड में लेबर रूम, लेबर ओटी, लेबर आईसीयू सहित प्रसूता वॉर्ड नवजात बच्चों का केन्द्र भी निर्मित होगा। फिलहाल जिला अस्पताल का मैटरनिटी वॉर्ड अस्पताल के दूसरे फ्लोर पर संचालित हो रहा है जिसे अस्पताल के पिछले हिस्से किशोर सागर तालाब की ओर शिफ्ट किया जाएगा। अस्पताल में बनने वाले इस नवनिर्मित प्रसूता उपचार केन्द्र के निर्माण से महिलाओं और बच्चों के उपचार के लिए अलग से सुविधाएं एक ही स्थान पर स्थापित कर दी जाएंगी। इस सेंटर के निर्मित होने पर डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं को मुख्य अस्पताल की बिल्डिंग में नहीं जाना पड़ेगा।