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विश्वविद्यालय कैंपस का एक्शन प्लान तैयार,पहले चरण में बनेगें 4 ब्लॉक

-पहले चरण के लिए उच्चशिक्षा विभाग ने वित्त को भेजा 150 करोड़ का प्रस्ताव-418 एकड़ में बनेगी महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी

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Maharaja Chhatrasal Bundelkhand University

Maharaja Chhatrasal Bundelkhand University

फैक्ट फाइल
प्रवेश द्वार- 3
इंफॉर्मेशन सेंटर-1
एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक-2
आडिटोरियम- 2
स्टेडियम- 1
लाइब्रेरी-1
शॉपिंग कॉम्पलेक्स-2
छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस का एक्शन प्लान तैयार हो गया है। गौरैया गांव के पास बनाए जा रहे विश्वविद्यालय कैंपस का पीआइयू की दिल्ली स्थित कंसल्टेंट एजेंसी ने टेबिल नक्शा (डमी) तैयार किया है। एक्शन प्लान में विश्वविद्यालय कैंपस में बनाए जाने वाले ब्लॉक्स की बिल्डिंग की डमी बनाई गई है,मैप के जरिए विश्वविद्यालय कैंपस में कहां-क्या बनाया जाना है,इसकी तस्वीर साफ हो गई है। विश्वविद्यालय कैंपस में प्रवेश के लिए तीन गेट बनाए जाएंगे। एक गेट सटई रोड जाने के लिए और दो गेट सागर रोड से कनेक्ट होंगे। कैंपस के अंदर महाराजा छत्रसाल की एक विशाल मूर्ति भी लगाई जाएगी। छात्र-छात्राओं व स्टाप के रहने की व्यवस्था भी कैंपस के अंदर ही होगी। कुलपति और रजिस्ट्रार के बंगले भी कैंपस में ही बनाए जाएंगे।
ये होगा कैंपस में
यूनिवर्सिटी कैंपस में सटई रोड तरफ के प्रवेश द्वार की ओर सबसे पहले इनफॉर्मेशन सेंटर बनाया जाएगा। इस सेटंर के बगल में ही एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाना है। डमी के अनुसार शॉपिग कॉम्पलेक्स के आगे चलने पर चौक बनाया जाएगा,जहां महाराजा छत्रसाल की घोड़े पर सवार मूर्ति स्थापित की जाएगी। मूर्ति के बाई ओर के रास्ते से आगे जाने पर कुलपति और कुल सचिव के बंगले होंगे। मूर्ति चौक से दाएं ओर आगे जाने से एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक्स मिलेंगे। कैंपस में दो एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक्स बनाए जाना है। एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक्स के बगल से दो ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। एक इनडोर और दूसरा आउटडोर ऑडिटोरियम होगा,ऑडिटोरियम के बगल से तालाब है। तालाब के बगल में एक स्टेडियम का निर्माण किया जाना है। ऑडिटोरियम के बगल में लाइब्रेरी का निर्माण किया जाना है। इधर,महाराज छत्रसाल की मूर्ति से सीधे आगे बढ़ेंगे तो टीचिंग ब्लॉक्स मिलेंगे। इससे और आगे जाने पर छात्र और छात्राओं के रहने के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाना है। हॉस्टल के आगे विश्वविद्यालय के स्टाफ के लिए क्वार्टर का निर्माण किया जाएगा। महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय कैंपस के लिए शासन से 418 एकड़ जमीन का आवंटन हुआ है,जिसमें से ३०३ एकड़ जमीन का सीमांकन कराया जा चुका है। निर्माण कार्य शुरु होने पर बाकी जमीन का भी सीमांकन किया जाएगा। कैंपस के निर्माण में भले ही समय लगेगा,लेकिन नक्शा देखकर इतना तो कहा ही जा सकता है,कि कैंपस हरियाली.तालाब और लाइटिंग के कारण खूबसूरत दिखेगा।
पहले चरण में होंगे 150 करोड़ के निर्माण
विश्वविद्यालय कैंपस का निर्माण चरणों में किया जाएगा। अभी पहले चरण के लिए राशि की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पहले चरण के निर्माण कार्यो के लिए ११४ करोड़ 33 लाख का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजा था। जिसमें निर्माण एजेंसी पीआइयू की टैक्निकल स्वीकृति भी शामिल थी। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रबंधन के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद 150 करोड़ का प्रस्ताव वित्त विभाग को स्वीकृति के लिए भेजा है। पहले चरण में विश्वविद्यालय कैंपस में 1 एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग, 1 एकेडमिक बिल्डिंग, इन्फ ॉर्मेशन सेंटर ,बाउंड्री बॉल समेत कैंपस में सड़क ,लाइट की व्यवस्था का काम किया जाना है।
पहले चरण में होंगे 4 बड़े काम
अभी पहले चरण में होने वाले निर्माण कार्यो का ही प्रस्ताव भेजा गया है। जरुरत के मुताबिक अभी प्रशासनिक भवन, एकेडमिक बिल्डिंग ,इंफॉर्मेशन सेंटर,बाउड्री बॉल निर्माण समेत कैंपस के कुछ जरुरी काम कराए जाएंगे।
डॉ. एलएस सोलंकी,रजिस्ट्रार