
karva chauth will be celebrated on 17 oct
छतरपुर। पति की दीर्घायु की कामना का पर्व करवा चौथ कल यानि 17 अक्टूबर को मनाया जाएगा। करवा चौथ को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। अभी से महिलाएं तैयारी में जुटी हुई हैं। बाजार गुलजार हो गए हैं, महिलाएं दिनभर खरीदारी कर रहीं हैं। सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर भी महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। करवाचौथ के पर्व पर बाजार में मिट्टी के बने करवा, पूजन सामग्री की दुकानें भी सजी गई हैं। मिट्टी के करवा 20 से 50 रुपए तक बिक रहे हैं। वहीं चांदी के करवा की कीमत दो हजार से 4 हजार तक है। करवाचौथ के पर्व से पहले सराफा, साड़ी का बाजार गुलजार हो गया है। मंगलवार को भी महिलाओं की भीड़ देखी गई। इस व्रत में महिलाएं नई साड़ी, गहने का श्रृंगार कर पूजा करती हैं। महिलाएं इस दिन भगवान शिव-पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, चंद्रमा की पूजा करती हैं। इस रात में छलनी में चांद का दीदार कर अघ्र्य चढ़ाकर व्रत खोलती हैं। करवाचौथ के मद्देनजर बाजारों में खास रौनक नजर आ रही है। मिट्टी के करवा 20 से 50 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं चांदी के करवा की कीमत दो हजार से 4 हजार तक है।
फैंसी चूडिय़ों से सजा बाजार
करवाचौथ के लिए चूड़ी बाजार में फैंसी चूडिय़ों से दुकानें भरी हुई हैं। दुकानदार रिंकू लक्षकार ने बताया कि धागे की वर्क वाली चूडिय़ों को बेहद पसंद किया जा रहा है। कांच की चूडिय़ों की स्वरूप भी बदलता जा रहा है। उसी के अनुरूप बाजार में चूडिय़ां मौजूद है। ऐसे में महिलाएं साड़ी के रंग से मेल की चूड़ी खरीद रही हैं। जडाऊ चूडिय़ों को भी पसंद किया जा रहा है। चूडिय़ों और कड़े को करवा चौथ के हिसाब से डिजाइन किया गया है। बाजार में बेहतर डिजाइनर चूडिय़ों का दाम 200 रुपए से लेकर एक हजार रुपए तक की हैं।
डिजाइनर साड़़ी की मांग
इस बार करवाचौथ पर बाजार में बॉलीवुड डिजाइनर साड़ी की धूम मची हुई है। साड़ी विक्रेता शक्ति सिंह ने बताया कि, इन साडिय़ों का रेट 600 रुपए से तीन हजार रुपए तक है। मध्यमवर्गीय महिलाओं को यह साडिय़ां खासी पसंद आ रही है। वहीं ब्लू फाक्स, शिफान सिल्क, गार्डेन सिल्क, बनारसी साडिय़ों को भी महिलाएं पसंद कर रही हैं। वहीं ऑनलाइन खरीदारी का प्रचलन भी तेजी से बढ़ा है। विभिन्ना ऑनलाइन शॉपिंग से महिलाएं साडिय़ा, चूड़ी, सौंदर्य प्रसाधन की सामान मंगा रहीं हैं। महिलाओं की माने तो त्योहारों पर ऑलनाइन शॉपिंग करने पर ऑफर मिल रहे हैं। इसमें कलर, वैराइटी की भी च्वाइस रहती है।
बन रहा गजकेसरी योग
पंडित एमएल पाठक ने बताया कि इस बार रोहिणी नक्षत्र व मंगल का योग होने के साथ ही चंद्रमा और बृहस्पति का दृष्टि संबंध होने से गजकेसरी नाम का राजयोग बन रहा है। बृहस्पति के अलावा चंद्रमा पर किसी अन्य ग्रह की दृष्टि नहीं पडऩे से पूर्ण राजयोग बनता है। इससे पहले 12 अक्टूबर 1995 को करवा चौथ पर पूर्ण राजयोग बना था। इस बाद 17 अक्तूबर को करवाचौथ का व्रत रखा जाएगा। करवाचौथ पर महिलाएं मेहंदी रचवाती हैं और मेकअप कराती हैं। सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखेंगी। महिलाएं दुल्हन की तरह सोलह श्रृंगार करती हैं। इसको लेकर घरों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
Published on:
16 Oct 2019 06:00 am
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