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छतरपुर बस स्टैंड पर थोक दुकानों में भीषण आग, 9 दुकानें जलकर खाक

घटना करीब आधी रात 1 बजे हुई, जब दयाराम लखेरा की मनिहारी की थोक दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पास की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेज़ हो गई कि पूरी बिल्डिंग की कई दुकानें जलकर राख हो गईं।

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शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बस स्टैंड क्रमांक 2 पर बीती रात अचानक आग लगने से 9 थोक दुकानों में भीषण तबाही मच गई। यह घटना करीब आधी रात 1 बजे हुई, जब दयाराम लखेरा की मनिहारी की थोक दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पास की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेज़ हो गई कि पूरी बिल्डिंग की कई दुकानें जलकर राख हो गईं। आग ने कॉस्मेटिक, बिजली के सामान थोक सामान की 9 दुकानों को अपनी चपेट में लिया। अनुमान है कि इस आग से व्यापारियों का करीब दो करोड़ रुपए से अधिक का माल जलकर नष्ट हो गया।

फैक्ट फाइल

दुकान क्र. 07: गप्पूलाल पटेल की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में लाखों का नुकसान हुआ।दुकान क्र. 08: महंतीबाई लखेरे (वार्ड 10) की चूड़ी की दुकान जलकर पूरी तरह खाक हो गई।

दुकान क्र. 09: बद्री लखेरे की दुकान व छत पर बनी दुकान समेत पूरा सामान जल गया।दुकान क्र. 10- दयाराम लखेरे की छत पर स्थिति खिलौना की दुकान

दुकान क्र. 11, 12, 13: बद्री प्रसाद लखेरा की छत स्थित खिलौनों और जनरल स्टोर की तीन दुकानें जल गई

आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट

आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, खासकर ट्रांसफार्मर के पास स्थित दुकानों में यह घटना हुई। स्थानीय दुकानदार सीताराम लखेरा ने बताया कि ट्रांसफार्मर से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया, लेकिन फायर ब्रिगेड एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। तब तक आग पूरी तरह फैल चुकी थी और ऊपरी मंजिल तक भी लपटें पहुंच चुकी थीं।

दमकल विभाग की लापरवाही पर सवाल

दमकल विभाग की देरी पर कई व्यापारियों ने नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती, तो नुकसान कम किया जा सकता था। छतरपुर नगर पालिका के पास तीन बड़ी फायर ब्रिगेड मशीनें हैं, लेकिन सभी खराब पड़ी थीं। इस कारण एक छोटी मशीन से आग बुझाने की कोशिश की गई, जिससे आग को काबू करने में समय अधिक लगा। लोग अब नगरपालिका की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं, खासकर जब इतने बड़े हादसे में भारी नुकसान हुआ है।

आग बुझाने के लिए जेसीबी मशीन और अतिरिक्त फायर ब्रिगेड बुलाई

दमकल की दो गाडिय़ां पहले मौके पर पहुंची, लेकिन पानी से आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जैसे-जैसे आग बढ़ी, छतरपुर नगरपालिका के अलावा सटई और महाराजपुर से अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की मदद ली गई। आग बुझाने के प्रयासों के दौरान जेसीबी मशीन का उपयोग करते हुए दुकानों के शटर और दीवारें तोड़ी गईं, ताकि अंदर की लपटों तक पानी पहुंचाया जा सके। बावजूद इसके, सुबह करीब 6 बजे तक भी आग पूरी तरह से नहीं बुझ पाई थी।

व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान

घटना में सबसे अधिक नुकसान उन दुकानों का हुआ, जो कॉस्मेटिक और इलेक्ट्रॉनिक सामान से भरी हुई थीं। नीचे की तीन दुकानों के साथ-साथ ऊपर की छह दुकानों में भी आग फैल गई। दुकानदारों ने बताया कि आग ने उनकी सारी संपत्ति, जिसमें लाखों का माल था, पूरी तरह से नष्ट कर दिया। व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल मदद की मांग की और मुआवजे की मांग की है, क्योंकि उनका पूरा कारोबार राख में तब्दील हो गया।

मुआवजे का ऐलान

घटना के बाद सुबह बीजेपी विधायक ललिता यादव नगरपालिका सीएमओ के साथ पीडि़त दुकानदारों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने स्वेच्छानिधि से प्रत्येक दुकानदार को 25-25 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द मदद का आश्वासन भी दिया।कोतवाली पुलिस कर रही जांच

कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, लेकिन बिजली विभाग और फॉरेंसिक टीम द्वारा इस मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद ही घटना की सही वजह और जिम्मेदारों का पता चल सकेगा।