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मेडिकल कॉलेज: जमीन की तलाश जारी, फिर टीम ने की विजिट

टीकमगढ़. अस्पताल के लिए जमीन का निरीक्षण करते हुए टीम के सदस्य। टीकमगढ़. मेडिकल कॉलेज के लिए जिले में जमीन की तलाश पूरी होती नहीं दिख रही है। रविवार को एक बार फिर से कमिश्नर के आदेश पर 6 सदस्यीय टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ टीकमगढ़ पहुंच कर जमीन के लिए तीन स्थानों पर विजिट की। इसमें एक बार फिर से जिला अस्पताल से 3.5 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम मामौन की जमीन पर मुहर लगने की संभावनाएं बनती दिखाई दे रही है।

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मामौन की जमीन जिला अस्पताल से 3.5 किमी की दूरी पर, इस पर लग सकती है मुहर

टीकमगढ़. मेडिकल कॉलेज के लिए जिले में जमीन की तलाश पूरी होती नहीं दिख रही है। रविवार को एक बार फिर से कमिश्नर के आदेश पर 6 सदस्यीय टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ टीकमगढ़ पहुंच कर जमीन के लिए तीन स्थानों पर विजिट की। इसमें एक बार फिर से जिला अस्पताल से 3.5 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम मामौन की जमीन पर मुहर लगने की संभावनाएं बनती दिखाई दे रही है। रविवार को जिला मुख्यालय पर पहुंची टीम ने सबसे पहले बानपुर रोड पर ग्राम मानिकपुरा के पास जमीन को देखा। इसके बाद टीम एक बार फिर से ग्राम उत्तमपुरा पहुंची।विदित हो कि पिछली बार पहुंची टीम ने इसी जमीन को मेडिकल कॉलेज के लिए सबसे उपयुक्त बताया था। यहां पर निरीक्षण करने के बाद टीम ग्राम मामौन पहुंची। यहां पर टीम ने मामौन पहाड़ी से लगी आईटीआई के बाजू की जमीन को देखने के साथ ही गोशाला के पास स्थित जमीन का भी मुआयना किया। इसके बाद वापस आकर टीम ने बैठक कर इन तीनों जमीनों पर मंथन किया। बताया जा रहा है कि मामौन में आईटीआई के पास स्थित खसरा नंबर 178 से लगाकर 195 कुल रकबा 17.82 हैक्टेयर को सबसे उपयुक्त माना है। यह जमीन टीकमगढ़-छतरपुर हाईवे पर होने के साथ ही जिला अस्पताल से महज 3.5 किमी की दूरी पर है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस जमीन का अधिकांश हिस्सा हाईवे से लगा हुआ है। साथ ही यहां पर बल्देवगढ़, पलेरा, जतारा से आने वाले लोगों को भी सीधी सुविधा होगी।

चौथी बार बदल रही जमीन

विदित हो कि मेडिकल कॉलेज के लिए भेजे गए प्रस्ताव के समय प्रशासन द्धारा सबसे पहले ग्राम मवई स्थित जमीन खसरा नंबर 4761/272 रकबा 18.86 हैक्टेयर को चिन्हित किया था, लेकिन इसकी दूरी लगभग 15 किमी होने से इस जमीन को बदलना पड़ा था। इसके बाद प्रशासन ने कृषि महाविद्यालय के पास खसरा नंबर 1045/2 रकबा 10 हैक्टेयर को आवंटित किया था, लेकिन इसे लेकर कृषि महाविद्यालय के साथ ही कुछ अन्य लोगों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी और मामला न्यायालय में चला गया था। इसके बाद दो माह पहले पहुंची टीम ने पांच स्थानों पर जमीन देखी थी और ग्राम उत्तमपुरा की खसरा नंबर 156, 155/4 रकबा 16.11 को चिन्हित किया था। टीम ने इस जमीन को सबसे उपयुक्त मान कर यहां पर मेडिकल के लिए जमीन आवंटित करने की सलाह दी थी, लेकिन यहां पर जमीन आवंटित नहीं की गई थी। इसके बाद टीम ने अब एक बार फिर से जिले का विजिट किया है। अब समझा जा रहा है कि मामौन की जमीन ही सबसे बेहतर है।

यह रहे टीम में शामिल

जमीन चयनित करने के लिए कमिश्नर द्धारा बनाई गई टीम में उपायुक्त विनय द्विवेदी, एडीएम प्रताप ङ्क्षसह चौहान, बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय सागर के अधीक्षक राजेश जैन, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक यंत्री संजय डेहरिया, सागर की क्षेत्रीय संयुक्त संचालक ज्योति चौहान एवं सीएमएचओ डॉ. शोभाराम रोशन को शामिल किया गया था। वहीं टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग के उपयंत्री अभिषेक चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी साथ रहे।