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मंत्री ने आदित्य बिरला ग्रुप को दिया हीरा बंदर खदान का आशय-पत्र

- एशिया महाद्वीप की सबसे उत्कृष्ट जैम क्वालिटी की है बंदर हीरा खदान

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छतरपुर। खनिज साधन मंत्री प्रदीप जायसवाल ने मंत्रालय में आदित्य बिरला ग्रुप की कंपनी मेसर्स एस्सल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड मुम्बई को प्रदेश की 364 हेक्टेयर की हीरा बंदर खदान का आशय-पत्र (एलओआई) प्रदान किया। कंपनी की ओर से प्रबंध संचालक तुहीन कुमार मुखर्जी और अशोक कुमार बल ने आशय-पत्र प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई, सचिव नरेंद्र सिंह परमार और संचालक विनीत आस्टीन उपस्थित थे। आदित्य बिरला ग्रुप की इस कंपनी ने छतरपुर जिले के अंतर्गत बकस्वाहा की इस बंदर खदान को नीलामी के दौरान उच्चतम बोली 30.05 प्रतिशत लगाकर प्राप्त किया है। यह खदान एशिया महाद्वीप की सबसे उत्कृष्ट जैम क्वालिटी के हीरों की खदान है। नीलामी प्रक्रिया में देश की बड़ी कंपनियों में शुमार अडानी ग्रुप 30 प्रतिशत की अधिकतम बोली लगाकर दूसरे स्थान पर रहा। हीरा बंदर खदान में 34.20 मिलियन कैरेट हीरा भंडार होने की संभावना है। जिसका अनुमानित मूल्य 55 हजार करोड़ रुपए आंका गया है। मध्यप्रदेश शासन को इस हीरा खदान से लीज अवधि में लगभग 16 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त प्रीमियम के रूप में प्राप्त होंगे। इसके अलावा 6 हजार करोड़ रुपए रायल्टी के रूप में खनिज मद में प्राप्त होंगे। इस खदान की लीज की अवधि 50 वर्ष होगी।

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