छतरपुर. शहर के बस स्टैंड क्रमांक १ और २ से प्रतिदिन चलने वाली बसों में करीब दो दर्जन से अधिक बसों काफी जर्जर है और बिना फिट हुए जुगाड़ की फिटनेस से चलाई जा रहीं हैं। ऐसे में इन बसों से कभी भी दुर्घटना होने का डर बना हुआ है। इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को होने के बाद भी यह ध्यान नहीं दे रहे हैं।
छतरपुर से चलने वाली बसों में कमियों को दुरुस्त कराने के लिए आरटीओ की ओर से ली गई बैठक अधिकतर बस संचालकों पर बेअसर रही है। बैठक के बाद कार्रवाई के दौरान विभाग की ओर से दी गई हिदायत के बाद भी संचालकों बसों में सुधार नहीं कराया है। जिससे वह बसें अभी भी अनफिट हाल में चल रहीं हैं। इनमें से राजनगर और खजुराहो रूट में संचालित होने वाली ८ बसें खस्ताहाल में हैं और यह बसें अपने गंतव्य तक पहुंचने में कई बार खराब हो जाती है और फिर सुधार के बाद रुक-रुक यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचा पा रहीं हैं। इस दौरान यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। बस खराब होने की स्थिति में न हो तत्काल दूसरी बस आती है और न ही कंडक्टर द्वारा किराया वापस किया जाता है। जिससे सुधार होने तक यात्री बस में ही फंसे रहते हैं। बुधवार को शाम करीब ६.३० बजे खजुराहो से छतरपुर आ रही बस बसारी के पास में खडी हो गई। इसमें सवार हरीराम, सुरेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि वह खजुराहो से छतरपुर आ रहे थे। इसी दौरान बसारी के पास बस रुक गई। चालक ने बताया कि स्टेयरिंग में खराब आ गई है। कुछ देर बाद धीरे धीरे बस छतरपुर तक पहुंच इस दौरान सभी सवारियां भगवान का नाम लेती रहीं।
इसके साथ ही पन्ना जाने वालीं २ बसें, बड़ामलहरा, बिजावर और घुवारा क्षेत्र के रुटों में जाने वाली ११ बसें अनफिट हैं, इनमें ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जाने वाली सभी बसें शामिल हैं। इसके साथ ही लवकुशनग, गौरिहार, चंदला क्षेत्र में आने वाली ४ बसें, महोबा रूट में २ बसें, नौगांव, हरपालपुर रूट में ३, ईशानगर रूप में २ और सटई रूट में १ बस मानकों में फिट नहीं हैं। इसके बाद भी लगातार इनका संचालन किया जा रहा है।