17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समय के साथ चलना सफलता के लिए बहुत जरूरी: अनीता साहू

बमीठा गांव से निकलकर फिल्मी जगत में अनीता साहू ने बनाई जगह

2 min read
Google source verification
अनीता साहू

अनीता साहू


छतरपुर. बुंदेलखडं जैसे पिछड़े इलाके के बमीठा गांव से निकलकर मायानगरी और फिर मैक्सिको तक फिल्मी दुनिया में अपना नाम बनाने वाली अनीता साहू ने अपने सफर, मुश्किलों के बारे में पत्रिका से बातचीत की और युवाओं को सफलता के मंत्र बताए।

प्रश्न- बुंदेलखंड से कैसे आपने सिनेमा की शुरुआत की। मायानगरी तक का सफर कैसा रहा?

छतरपुर. मेरी शुरुआत बुंदेली कल्चरल एक्टिविटीज से हुई। बुंदेली बधाई ग्रुप के जरिए सुनील वर्मा से जुड़ गई। उनके साथ हिमाचल प्रदेश प्रिजेंशन के लिए गई। वहां से शुरुआत हुई। वहां से आने बाद मुझे लगा मुझे इसे कंटिन्यू करना चाहिए। मेरी हॉबी थी, ये बात अलग थी कि उस समय इतना स्कोप नही था। सुनील वर्मा जी के साथ मैंने बुंदेली मूवी की थी। जीजा आओ री के सुनील डायरेक्टर थे। यहां से मेरी शुरुआत अच्छी हो गई है।

प्रश्न- ग्रामीण परिवेश से निकलकर मायानगरी तक का सफर कितना कठिन रहा?

छतरपुर. ग्रामीण एरिया से बाहर निकलना हर लडक़ी के लिए बड़ा मुश्किल होता है, लेकिन जो मिडिल परिवार के होते है, उनके लिए कुछ और ज्यादा मुश्किल होता है। लेकिन मुझे लगा कि कुछ और सीखना चाहिए तो मैने दिल्ली के इंस्टीट्यूट से एक्टिंग सीखी और शार्प पेरल सीरियल भी किया, जो हिस्ट्री चैनल पर काफी चर्चित रहा।

प्रश्न:आगामी समय में आपकी क्या फिल्में या एलबम आ रहे है? फिल्म फेस्टिवल से क्या लाभ मिलता है?उत्तर: अभी शॉपिंग मिक्स एलबम, मैने मैक्सिको में शूट किया हुआ है। मैंने वीनस कंपनी का काम किया हुआ है। फिल्स फेस्टिवल से मुंबई और यहां के लोगो को एक दूसरे से जुडऩे का अवसर मिलता है। यहां के युवा मुंबई जाकर अपना परिचय देंगे, कि किस जगह से है। तो उन्हें कनेक्टिविटी मिलती है।

प्रश्न: नए युवाओ को क्या सलाह या मार्गदर्शन देंगी, ताकि वे आगे आ सके?

उत्तर- सबसे पहले मोटिवेशन होना बहुत जरूरी है। हर चीज में टाइम भी पकडऩा सीखे। यहां पर प्रतिभा बहुत है पर लोग टाइम को पकड़ नही पाते। उस वजह से काफी लोगों ने मंच को खोया है। एक्टिंग के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है क्योंकि एक्टिंग एक ऐसी चीज है जो आपको करोड़ों, हजारों, लाखों लोग देखते हैं। तो उनके लिए क्या नया कर सकते हैं, आप किसी की कॉपी न करे।